इज़रायल के आंतरिक सुरक्षा मंत्री बेन गवीर के भड़काऊ बयान पर अराक़ची का जवाब
इज़रायल के आंतरिक सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर के उस विवादास्पद और अमानवीय बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि “हर इज़रायली माँ के आँसू के बदले 1000 लेबनानी माताएँ रोनी चाहिएँ और पूरा लेबनान आग में जल उठना चाहिए”, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
अराक़ची ने कहा कि यह किसी अज्ञात चरमपंथी या मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति का बयान नहीं, बल्कि इज़रायल की सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री की सार्वजनिक घोषणा है। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान न केवल मानवता और अंतरराष्ट्रीय कानून का अपमान हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि इज़रायली सत्ता प्रतिष्ठान में सामूहिक दंड और व्यापक विनाश की मानसिकता कितनी गहराई तक समाई हुई है।
ईरानी विदेश मंत्री ने आरोप लगाया कि तेल अवीव में बैठा नेतृत्व क्षेत्र में शांति और स्थिरता का नहीं, बल्कि निरंतर संघर्ष और युद्ध का इच्छुक है। उन्होंने कहा कि निर्दोष महिलाओं और बच्चों के दुख को राजनीतिक प्रतिशोध का साधन बनाना किसी भी सभ्य समाज के मूल्यों के विपरीत है।
अराक़ची के अनुसार, बेन-गवीर जैसे नेताओं के बयान यह स्पष्ट करते हैं कि लेबनान और फ़िलिस्तीन के खिलाफ़ कठोर सैन्य कार्रवाई को किस प्रकार वैचारिक समर्थन दिया जाता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ऐसे बयानों की निंदा करने और क्षेत्र में तनाव बढ़ाने वाली नीतियों पर रोक लगाने की मांग की।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि घृणा, प्रतिशोध और सामूहिक दंड की यह भाषा जारी रही, तो इसका परिणाम केवल और अधिक विनाश, अस्थिरता तथा निर्दोष नागरिकों की पीड़ा के रूप में सामने आएगा। उनके अनुसार, मध्य पूर्व को युद्धोन्माद नहीं बल्कि न्याय, संवाद और स्थायी शांति की आवश्यकता है।

