AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता असीम वक़ार ने कांग्रेस ज्वॉइन किया
उत्तर प्रदेश में चुनावी सरगर्मी धीरे-धीरे बढ़ रही है। ऐसे में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) को उन खबरों से झटका लग सकता है कि उत्तरी राज्य में पार्टी का सबसे प्रमुख चेहरा कांग्रेस में शामिल होने वाला है।
AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद असीम वक़ार बुधवार, 2 सितंबर को कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब बताया जा रहा है कि वक़ार, पार्टी के कुछ फैसलों से कथित तौर पर नाराज़ हैं। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने वक़ार को पार्टी में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
वक़ार क़रीब एक दशक से AIMIM से जुड़े हुए हैं। इससे पहले उन्होंने समाजवादी पार्टी (SP) के साथ क़रीब 20 वर्षों तक काम किया था। दिलचस्प बात यह है कि, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस, दोनों ही INDIA गठबंधन का हिस्सा हैं।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि, वक़ार के कांग्रेस में शामिल होने के बाद , उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक पकड़ मज़बूत करने की ओवैसी की कोशिशों को बड़ा झटका लग सकता है। वक़ार का पार्टी से अलग होना AIMIM के लिए एक महत्वपूर्ण नुक़सान माना जा रहा है, क्योंकि वह उत्तर प्रदेश में पार्टी का एक प्रमुख चेहरा रहे हैं। उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों के लिए अगले साल चुनाव होने हैं।
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी के सीटें जीतने का भरोसा जताया था। उन्होंने कहा था, “हमारी पार्टी ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि, हम कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। हम चुनाव ज़रूर लड़ेंगे और अगर हम पिछली बार से बेहतर प्रदर्शन करते हैं, तो जल्द ही यह स्पष्ट हो जाएगा कि, हम किन सीटों पर चुनाव लड़ेंगे, कहां से लड़ेंगे और कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।
दूसरी बात यह है कि, पार्टी का संगठन पहले से कहीं अधिक मज़बूत हो गया है। जनता के बीच यह समझ पैदा हो गई है कि, ये झूठे आरोप हैं। AIMIM के ख़िलाफ़ इस तरह के तमाम झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। पार्टी पर लगाए जा रहे ऐसे सभी आरोपों के पीछे एक धारणा बनाने की कोशिश की जा रही है। यह भ्रम है कि वे (NDA) सत्ता में वापस आ रहे हैं।” ओवैसी के इस बयान को पिछले महीने IANS ने रिपोर्ट किया था।

