मिनाब नरसंहार में 168 मासूम बच्चों की हत्या पर मानवाधिकार संगठन कहाँ हैं?: पेज़ेश्कियान
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा है कि, जब भी तेहरान बातचीत की मेज़ पर बैठता है, वॉशिंगटन की ओर से युद्ध थोप दिया जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि मिनाब नरसंहार में 168 मासूम बच्चों की हत्या का अपराध क्या था?
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पज़ेश्कियान ने सोमवार को कहा कि अमेरिका के साथ मूल समस्या यह है कि, वह आक्रामक नीति पर चलता है। उन्होंने कहा, “हर बार जब हम बातचीत की मेज़ पर बैठते हैं, तो सीधे हम पर युद्ध थोप दिया जाता है।”
पेज़ेश्कियान ने ईरान के ख़िलाफ़ कथित मिलीभगत और सुनियोजित निशाना बनाए जाने की बात करते हुए कहा कि “हर बार जब निरीक्षक ईरान आते हैं, हमारी परमाणु सुविधाओं और वैज्ञानिकों की जानकारी हासिल की जाती है। इसके बाद इन्हीं सुविधाओं पर बमबारी की जाती है और वैज्ञानिकों की हत्या कर दी जाती है।”
मानवाधिकारों के दावे और मिनाब की घटना
पश्चिमी देशों और अमेरिका के मानवाधिकार संबंधी दावों पर सवाल उठाते हुए राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने नागरिकों के ख़िलाफ़ हुई घटनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने सवाल किया:
“168 मासूम बच्चों की मिनाब नरसंहार में किस अपराध के लिए हत्या की गई?”
पेज़ेश्कियान ने पश्चिमी देशों की नीतियों में कथित दोहरे मानदंडों की ओर इशारा करते हुए कहा कि, इन घटनाओं में शामिल लोग “शर्मिंदा तक नहीं होते और मानवाधिकारों की रक्षा करने का दावा करते रहते हैं।”
ईरानी राष्ट्रपति ने आगे कहा:
“ऐसे दुश्मन के साथ बातचीत का कोई अर्थ नहीं है, जो लगातार हत्याएँ, हत्याओं के लिए लक्षित कार्रवाई, प्रतिबंध, दबाव और धमकियाँ जारी रखता है, अपने समझौतों से पीछे हटता है और जिसका ऐसा रवैया हमारे लोग स्वीकार नहीं करते।”
इससे पहले रविवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची ने कहा था कि, किसी भी सैन्य टकराव की स्थिति में ईरान की प्रतिक्रिया पहले से अधिक शक्तिशाली होगी। हालांकि, उन्होंने साथ ही ज़ोर देकर कहा कि, युद्ध समाप्त करने के लिए कूटनीति का रास्ता अभी भी खुला है और सैन्य समाधान या और अधिक प्रतिबंध थोपने पर आधारित समाधान कोई रास्ता नहीं है।

