अमेरिका की गुंडागर्दी के ख़िलाफ़, हम दृढ़ता और निर्णायकता से खड़े हैं: बक़ाई
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया धमकियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, अमेरिकी शासक वर्ग अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के बुनियादी नियमों को नष्ट करने और युद्ध अपराधों को सामान्य बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि, ईरान गुंडागर्दी और कानून तोड़ने के ख़िलाफ़ पूरी दृढ़ता और निर्णायकता के साथ खड़ा है।
विदेश नीति समूह, फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कल एक बार फिर तेहरान और उसके आसपास के क्षेत्रों में नागरिक बुनियादी ढांचे, पुलों और बिजलीघरों पर हमले की धमकी दी थी। इस धमकी पर ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
इसी संबंध में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने आज को अमेरिकी अधिकारियों द्वारा नागरिक बुनियादी ढांचे, पुलों और बिजलीघरों पर हमले की धमकियों के जवाब में कहा कि ये धमकियां अंतरराष्ट्रीय कानून के बुनियादी नियमों की पूरी तरह अनदेखी करती हैं।
उन्होंने कहा:
“किसी भी आदेश को युद्ध अपराध करने का लाइसेंस नहीं माना जा सकता। युद्ध अपराधों को उचित ठहराने के लिए अपने वरिष्ठ अधिकारी के आदेश का हवाला देना अपराध करने वालों को आपराधिक जिम्मेदारी से मुक्त नहीं करता।”
युद्ध और नरसंहार की अमेरिकी भूख की भेंट चढ़ रहा मानवीय कानून
डोनाल्ड ट्रंप ने कल अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक संदेश में कहा था कि अब से जब भी इस्लामी गणराज्य ईरान मिसाइल, रॉकेट, ड्रोन या किसी अन्य साधन अथवा हथियार से होर्मुज़ जलडमरूमध्य में किसी जहाज़ पर हमला करेगा, तो अमेरिका जवाब में एक पुल या बिजलीघर पर बमबारी करके उसे नष्ट कर देगा। उन्होंने विशेष रूप से तेहरान के आसपास या स्वयं तेहरान में मौजूद पुलों और बिजलीघरों को निशाना बनाने की धमकी दी।
इस पर बक़ाई ने कहा कि अमेरिकी शासक वर्ग अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून, मानव सभ्यता के नैतिक सिद्धांतों और उससे बचे हुए हर आधार को युद्ध और नरसंहार की अपनी असीमित भूख की भेंट चढ़ाना चाहता है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा:
“पुलों और बिजलीघरों को नष्ट करने की नीति स्पष्ट रूप से ग़ैर-क़ानूनी और अपराधपूर्ण है।”
उन्होंने आगे कहा कि, इस तरह की नीति प्रतिशोध और सामूहिक दंड का स्पष्ट उदाहरण है। अंतरराष्ट्रीय कानून और स्वयं अमेरिकी घरेलू क़ानून में भी इन दोनों कार्रवाइयों को स्पष्ट रूप से युद्ध अपराध के रूप में प्रतिबंधित किया गया है, विशेष रूप से 18 U.S.C. § 2441 (War Crimes Act) के तहत।
बक़ाई ने कहा कि ऐसे अपराधों पर समय बीत जाने से क़ानूनी कार्रवाई की सीमा समाप्त नहीं होती। उन्होंने यह भी कहा कि यूनिफ़ॉर्म कोड ऑफ़ मिलिटरी जस्टिस (UCMJ) और अमेरिकी रक्षा मंत्रालय की Law of War Manual में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सैन्यकर्मियों का क़ानूनी और नैतिक दायित्व है कि वे अपने वरिष्ठ अधिकारियों के ऐसे आदेशों को मानने से इनकार करें जो स्पष्ट रूप से गैरकानूनी हों।
बक़ाई ने जोर देकर कहा:
“ईरान, गुंडागर्दी और क़ानून तोड़ने के खिलाफ दृढ़ता और निर्णायकता के साथ खड़ा है।”
अब्बास अराक़ची ने भी ट्रंप को दी कड़ी चेतावनी
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराक़ची ने भी बुधवार रात, को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया धमकियों पर प्रतिक्रिया व्यक्त की।
उन्होंने कहा:
“हमारा रक्षा सिद्धांत स्पष्ट है: आंख के बदले आंख। ईरान के खिलाफ किसी भी तरह की आक्रामकता, जिसमें हमारे बुनियादी ढांचे पर हमला भी शामिल है, का सामना निर्णायक, शक्तिशाली और प्रभावी जवाब से किया जाएगा।”
अराक़ची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि जो भी पक्ष किसी भी रूप में ऐसी आक्रामकता में शामिल होगा या उसका समर्थन करेगा, उसे एक वैध लक्ष्य माना जाएगा।

