हमने होर्मुज़ के ऊपर दुश्मन के एक उन्नत MQ-1 ड्रोन को मार गिराया: आईआरजीसी
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने एक महत्वपूर्ण सैन्य उपलब्धि का दावा करते हुए कहा है कि उसकी वायु-रक्षा प्रणाली ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के ऊपर एक उन्नत MQ-1 ड्रोन को सफलतापूर्वक ट्रैक कर मार गिराया। IRGC के अनुसार, यह कार्रवाई देश के एकीकृत वायु-रक्षा नेटवर्क के तहत की गई।
ईरानी पक्ष का कहना है कि इस घटना से उसकी वायु-रक्षा क्षमताओं और संवेदनशील हवाई क्षेत्र की निगरानी करने की क्षमता का पता चलता है। विशेष रूप से होर्मुज़ जलडमरूमध्य का रणनीतिक महत्व देखते हुए इस घटना को तेहरान के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह जलमार्ग खाड़ी क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है और यहां किसी भी सैन्य गतिविधि का क्षेत्रीय सुरक्षा पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
IRGC के जनसंपर्क विभाग ने अपने बयान में कहा कि ड्रोन को “आधुनिक और उन्नत वायु-रक्षा प्रणाली” के जरिए, देश के एकीकृत वायु-रक्षा नेटवर्क के नियंत्रण में, रोका और नष्ट किया गया। ईरान लंबे समय से अपनी स्वदेशी वायु-रक्षा प्रणालियों और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी क्षमताओं को अपनी सैन्य रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताता रहा है।
ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, ईरान का दावा है कि हालिया संघर्ष के दौरान उसकी वायु-रक्षा ने बड़ी संख्या में हमलावर ड्रोन को मार गिराया है। ईरानी रिपोर्टों में लुकास, हर्मीस, MQ-1 और MQ-9 जैसे ड्रोन के नाम भी शामिल किए गए हैं।
होर्मुज़ में बढ़ता तनाव
यह दावा ऐसे समय सामने आया है जब होर्मुज़ जलडमरूमध्य और उसके आसपास का क्षेत्र लगातार रणनीतिक तनाव का केंद्र बना हुआ है। ईरान के लिए यह क्षेत्र केवल एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग ही नहीं, बल्कि उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय सैन्य रणनीति का भी अहम हिस्सा है।
IRGC ने इससे पहले भी एक अमेरिकी मानवरहित सतही पोत को होर्मुज़ जलडमरूमध्य के प्रवेश क्षेत्र में नष्ट करने का दावा किया था। ईरानी पक्ष ने उस कार्रवाई को देश की क्षेत्रीय अखंडता, राष्ट्रीय संप्रभुता और महत्वपूर्ण हितों की रक्षा के लिए की गई सटीक एवं समयबद्ध कार्रवाई बताया था।
ईरान का लगातार यह रुख रहा है कि वह अपने हवाई और समुद्री क्षेत्र में किसी भी संभावित ख़तरे का जवाब देने के लिए तैयार है। MQ-1 ड्रोन को मार गिराने का यह दावा इसी नीति के अनुरूप ईरान की ओर से एक और कड़ा संदेश माना जा सकता है।
हालांकि, इस घटना के संबंध में स्वतंत्र स्रोतों से उपलब्ध जानकारी और ड्रोन के वास्तविक संचालनकर्ता की स्वतंत्र पुष्टि अलग से आवश्यक है। फिलहाल उपलब्ध विवरण मुख्य रूप से ईरानी सैन्य और सरकारी पक्ष के दावों पर आधारित हैं।

