ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध बना अमेरिकी चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हार की वजह: जेडी वेंस
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्वीकार किया है कि, ईरान के ख़िलाफ़ अमेरिकी सैन्य आक्रामकता और युद्ध रिपब्लिकन पार्टी की चुनावी हार की प्रमुख वजह बने हैं। उन्होंने कहा कि 2024 में डोनाल्ड ट्रंप और जेडी वेंस को वोट देने वाले कई मतदाता 2026 के चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के पक्ष में चले गए।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संदेश जारी कर अपनी पार्टी की चुनावी हार के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
उन्होंने इस संबंध में कहा,
“मैंने अपने एक बेहद समझदार और अनुभवी डेटा विश्लेषक से पूछा कि क्या हम दुनिया को चौंका देंगे? उसने मुझसे कहा कि नहीं। हो सकता है कि हम सर्वेक्षणों में जताए गए अनुमानों से बेहतर प्रदर्शन करें, लेकिन आंकड़े बता रहे हैं कि 2024 में ट्रंप-वेंस को वोट देने वाले बहुत से मतदाता नाराज़ हैं और अब दूसरी पार्टी को वोट देने का इरादा रखते हैं। हमारे मतदाता मतदान केंद्रों तक तो आ रहे हैं, लेकिन जरूरी नहीं कि वे हमें ही वोट दें।”
वेंस ने आगे कहा,
“वास्तव में हमारे मतदाता मतदान करने पहुंचे। उदाहरण के तौर पर फ्लोरिडा में मतदाताओं का अनुपात डेमोक्रेट्स के मुकाबले 9 प्रतिशत रिपब्लिकन पार्टी के पक्ष में था, जो 2024 की तुलना में केवल कुछ प्रतिशत कम था। इसमें कोई संदेह नहीं कि कुछ ऐसे क्षेत्र थे, जहां हम मतदान प्रतिशत को बेहतर कर सकते थे। लेकिन हमारी सबसे बड़ी समस्या मतदान में कमी नहीं है। असली समस्या यह है कि 2024 में ट्रंप-वेंस को वोट देने वाले बहुत से लोगों ने 2026 में डेमोक्रेटिक पार्टी को वोट दिया।”
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ज़ोर देते हुए कहा,
“हमारी हार की असली वजह लगभग सभी लोगों के सामने स्पष्ट है।” उन्होंने आगे बताया, “एक अन्य चुनावी सर्वेक्षणकर्ता, जिसे मैं राजनीति के सबसे समझदार लोगों में से एक मानता हूं, ने कल मुझसे कहा कि हम लोकप्रिय वोट में 13 प्रतिशत के अंतर से हारने जा रहे हैं। मंगलवार से पहले ही मेरी भावनाएं नकारात्मक थीं, लेकिन इस नतीजे ने मुझे भी हैरान कर दिया।”
ट्रंप के उपराष्ट्रपति ने बताया कि सर्वेक्षण में यह बात सामने आई कि 2024 में ट्रंप को वोट देने वाले बहुत से मतदाता नाराज़ हैं और अब डेमोक्रेट्स को वोट देना चाहते हैं। सर्वेक्षणकर्ता ने उन मतदाताओं से यह भी पूछा कि, आख़िर ऐसी कौन-सी बातें हैं, जिनसे वे दोबारा हमारी पार्टी के समर्थन में लौट सकते हैं।
उन्होंने कहा कि मतदाताओं की ओर से सामने आए चार प्रमुख जवाब लगभग सभी प्रतिक्रियाओं का प्रतिनिधित्व करते थे। ये जवाब थे:
1- युद्ध समाप्त करो।
2- महंगाई और आम लोगों के जीवन-यापन की बढ़ती लागत पर ध्यान दो।
3- अमेरिका को प्राथमिकता दो।
4- इस्राईल के साथ अपने संबंधों की नीति में बदलाव करो।
वेंस ने कहा, “सोमवार को बहुत से लोग राजनयिक समाधान की अपील करने के लिए रेचल कैम्पोस-डफी की आलोचना करने में लगे हुए थे, लेकिन अब यह स्पष्ट हो गया है कि उनकी राजनीतिक सलाह बिल्कुल सही थी।” अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “हमारी हार की वजह युद्ध है। खुद राष्ट्रपति ने कल रात यह बात कही थी।”
उन्होंने आगे कहा,
“अगर आप यह तर्क देना चाहते हैं कि यह युद्ध इसके लायक था और अगले छह वर्षों के लिए सीनेट में बहुमत गंवाना इसकी उचित क़ीमत थी, तो आप ऐसा कर सकते हैं। आप यह दलील दे सकते हैं कि इसके लिए इतनी बड़ी राजनीतिक क़ीमत चुकाना जरूरी था। आप इस बात से सहमत हों या असहमत, कम से कम यह एक ईमानदार रुख होगा।”
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार दावा कर चुके हैं कि ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध करना सही फैसला था और यह युद्ध अपनी क़ीमत वसूल करने लायक़ था। ऐसे में वेंस के इस बयान को डोनाल्ड ट्रंप की युद्ध नीति की अप्रत्यक्ष आलोचना के रूप में देखा जा रहा है।
ट्रंप के उपराष्ट्रपति ने आगे कहा,
“लेकिन हर कोई जानता है कि हम चुनाव क्यों हारे। अब आगे हमें क्या करना चाहिए, इस पर होने वाली हर ईमानदार चर्चा की शुरुआत इसी सच्चाई से होनी चाहिए।” वेंस ने इस संबंध में कहा, “उन लोगों से, जो बेहद नाराज़ हैं और कहना चाहते हैं कि ‘हमने पहले ही चेतावनी दी थी’, मैं कहना चाहता हूं कि आप सही थे। आपने वास्तव में पहले ही यह बात कही थी।
अब अपनी इस ऊर्जा का इस्तेमाल ऐसे रिपब्लिकन उम्मीदवारों को चुनने में कीजिए, जिनकी विचारधारा आपसे मेल खाती हो। और उन लोगों से, जो चुनावी नतीजों से नाराज़ हैं, मैं कहना चाहता हूं कि आपका नाराज़ होना भी जायज़ है। आइए, इस नाराजगी को सकारात्मक दिशा में इस्तेमाल करें और अपने देश को बचाने के काम में दोबारा जुट जाएं।”
कांग्रेस में बहुमत गंवाने से बढ़ेंगी ट्रंप की मुश्किलें
अमेरिका में मध्यावधि चुनाव ऐसे समय में संपन्न हुए हैं, जब डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी दोनों सदनों में हार का सामना करते हुए अपना बहुमत गंवा चुकी है।
कांग्रेस में बहुमत खोने से ट्रंप प्रशासन के सामने आने वाले दिनों में गंभीर राजनीतिक चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। एक ओर राष्ट्रपति ट्रंप को अपनी नीतियों और योजनाओं को लागू करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस की ओर से मंत्रिमंडल के सदस्यों और सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कई तरह की जांच शुरू किए जाने की आशंका भी है। I’m mm.
इस तरह ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध न केवल अमेरिका की विदेश नीति के लिए विवाद का विषय बन गया है, बल्कि अब यह ट्रंप प्रशासन की घरेलू राजनीति और चुनावी भविष्य के लिए भी एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है।

