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अमेरिका को इस्लामाबाद समझौते का पालन करते हुए वापस लौटना चाहिए: अराक़ची

अमेरिका को इस्लामाबाद समझौते का पालन करते हुए वापस लौटना चाहिए: अराक़ची 

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराक़ची ने कहा है कि, अमेरिका को अपनी प्रतिबद्धताओं और उसी समझौते पर वापस लौटना चाहिए, जिस पर उसके राष्ट्रपति ने हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने कहा कि इसके बाद मौजूदा स्थिति से बाहर निकलने का रास्ता खुल सकता है।

विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराक़ची ने आज सोमवार, 31 अगस्त को बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक के पहले दिन के बाद, बैठक के इतर हुई अपनी मुलाक़ातों और बातचीत के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि, सभी बैठकें और बातचीत पूरी तरह कामकाजी माहौल में हुईं और इनमें सामान्य औपचारिकताओं से परे रहकर चर्चा की गई। इन बैठकों में आर्थिक क्षेत्र तथा अन्य क्षेत्रों में मौजूद सहयोग के अवसरों और संभावनाओं पर बातचीत हुई।

अराक़ची ने कहा कि, अमेरिका के आक्रामक हमलों और उनके परिणामों का मुद्दा भी इन बैठकों में उठाया गया। उन्होंने कहा, हमने स्पष्ट किया कि, ईरानी जनता अपने अधिकार हासिल करने तक प्रतिरोध जारी रखेगी। उन्होंने बताया कि सभी मुलाकातों में इस बात पर विशेष जोर दिया गया।

ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि सभी बैठकों में इस्लामाबाद समझौता-ज्ञापन का भी उल्लेख किया गया। उन्होंने बताया कि यह ऐसा समझौता-ज्ञापन है, जिस पर दोनों देशों के राष्ट्रपतियों ने हस्ताक्षर किए हैं, लेकिन अमेरिका ने इसका उल्लंघन किया है।

उन्होंने कहा कि, अमेरिका को अपनी प्रतिबद्धताओं पर वापस लौटना चाहिए और समझौता-ज्ञापन की शर्तों का पालन करना चाहिए। इसके बाद हम मौजूदा स्थिति से बाहर निकलने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

अराक़ची ने आगे समझाया कि सभी देशों की यह चिंता है कि युद्ध को जल्द से जल्द समाप्त किया जाए।

ईरान के विदेश मंत्री ने कहा, हमने स्पष्ट किया कि इसका समाधान पूरी तरह साफ और निश्चित है। अमेरिका को अपनी प्रतिबद्धताओं और उसी समझौते पर वापस लौटना चाहिए, जिस पर उसके राष्ट्रपति ने हस्ताक्षर किए हैं। इसके बाद सब कुछ सही दिशा में आगे बढ़ सकता है।

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