ईरान-इराक़ की सीमा पर स्थित, शिलमचेह सीमा चौकी पर अमेरिकी मिसाइल हमला, 2 शहीद और 11 घायल
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, ईरान और इराक़ की सीमा पर स्थित शिलमचेह सीमा चौकी के निकट अमेरिका ने मिसाइल हमला किया। साबेरीन न्यूज़ द्वारा जारी तस्वीरों में बताया गया कि हमले का निशाना शिलमचेह सीमा क्षेत्र बना। बाद में इराक़ी मीडिया नाया ने दावा किया कि यह हमला ईरानी पुलिस अधिकारियों के विश्राम स्थल पर किया गया।
ख़ोज़िस्तान प्रांत के उप-गवर्नर के अनुसार, कुछ ही देर पहले शिलमचेह सीमा पर स्थित यात्री टर्मिनल के आसपास का क्षेत्र अमेरिकी मिसाइलों का निशाना बना। इस हमले में दो ईरानी नागरिक शहीद हो गए, जबकि 11 अन्य घायल हुए हैं।
शिलमचेह केवल एक सामान्य सीमा चौकी नहीं है, बल्कि यह ईरान और इराक़ के बीच सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक मार्गों में से एक है। हर वर्ष लाखों ईरानी ज़ायरीन इसी सीमा से इराक़ में प्रवेश करते हैं और इमाम हुसैन (अ.) की ज़ियारत के लिए कर्बला की ओर रवाना होते हैं। विशेष रूप से अरबईन के अवसर पर बड़ी संख्या में ज़ायरीन शिलमचेह सीमा से पैदल मार्च करते हुए कर्बला पहुँचते हैं।
यह हमला वास्तव में ऐसे सीमा क्षेत्र में हुआ है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से ज़ायरीन और आम नागरिक करते हैं, नागरिकों और ज़ायरीन की सुरक्षा के दृष्टिकोण से इस प्रकार का हमला गंभीर चिंता का विषय है और इसकी निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए।
इराक़ी मीडिया ने एक बार फिर दावा किया है कि अमेरिकी हमले का लक्ष्य शिलमचेह सीमा चौकी पर स्थित ईरानी पुलिस का विश्राम स्थल था। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है और मामले की आगे की जाँच जारी है।

