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कुवैत के मीना अब्दुल्ला में अमेरिकी सेना के मुख्य रसद एवं आपूर्ति केंद्र KJL को आग लगाकर नष्ट कर दिया गया: आईआरजीसी

कुवैत के मीना अब्दुल्ला में अमेरिकी सेना के मुख्य रसद एवं आपूर्ति केंद्र KJL को आग लगाकर नष्ट कर दिया गया: आईआरजीसी

आईआरजीसी की विज्ञप्ति संख्या 11:

आईआरजीसी ने कहा कि अमेरिकी सेना, जिसने पिछली रातों में हमारे ठिकानों पर यह दावा करते हुए हमले किए थे कि कथित रूप से कुछ “उल्लंघनकारी जहाज़” हमारे ठिकानों से टकराए थे, बीती रात भी इसी बहाने हमले करती रही। जबकि इस बार कोई भी जहाज़ अमेरिका का साथ देने या उसके निर्देशों का पालन करने का साहस नहीं कर सका और स्वाभाविक रूप से ऐसी कोई घटना भी नहीं हुई। अपनी विफलता और असमर्थता को छिपाने के लिए अमेरिकी सेना ने दक्षिणी प्रांतों में स्थित कुछ तटीय ठिकानों और अन्य स्थानों पर क्रूज़ मिसाइलों तथा लड़ाकू विमानों से बमबारी की।

विज्ञप्ति के अनुसार, इस्लाम के लड़ाकों ने इन हमलों का कड़ा जवाब दिया और हमलावरों को दंडित करते हुए पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।

आईआरजीसी ने दावा किया कि “नस्र-2” अभियान की चौथी लहर, “या अबा अब्दिल्लाह अल-हुसैन (अ.)” के कूट संकेत के साथ चलाए गए हमले में कुवैत के मीना अब्दुल्ला स्थित अमेरिकी सेना के पश्चिम एशिया के मुख्य रसद एवं आपूर्ति केंद्र KJL को आग लगाकर पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।

विज्ञप्ति में यह भी कहा गया कि जवाबी सैन्य अभियान जारी रहेगा और अमेरिका की कार्रवाइयाँ समाप्त होने तक होरमुज़ जलडमरूमध्य बंद रहेगा।

बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पाँचवें बेड़े के प्रबंधन केंद्र, कमांड एवं कंट्रोल सेंटर, सैन्य उपकरणों के विशाल गोदाम तथा ईंधन भंडार नष्ट कर दिए गए: आईआरजीसी

आईआरजीसी की विज्ञप्ति संख्या 12:

आईआरजीसी के अनुसार, अमेरिकी सेना ने हिंद महासागर में अपने नौसैनिक बलों की तैनाती के बाद होरमुज़ जलडमरूमध्य पर नियंत्रण का दावा करते हुए समुद्री मार्गों को जहाज़ों के लिए बंद कर दिया है, जिससे दुनिया को क्षेत्र के तेल और गैस से वंचित किया जा रहा है।

विज्ञप्ति में दावा किया गया कि आज तड़के आईआरजीसी की नौसेना ने अमेरिका की इन कार्रवाइयों का जवाब दिया।

आईआरजीसी के अनुसार, “नस्र-2” अभियान की पाँचवीं लहर, “या अली इब्न अबी तालिब (अ.)” के कूट संकेत के साथ चलाए गए अभियान में बहरीन स्थित अमेरिकी नौसेना के पाँचवें बेड़े के एनएसआई प्रबंधन केंद्र, कमांड एवं कंट्रोल सेंटर, सैन्य पुर्जों और उपकरणों के बड़े गोदाम तथा ईंधन भंडार को निशाना बनाकर नष्ट कर दिया गया।

जॉर्डन के अल-अज़रक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर एफ-15, एफ-16 और एफ-35 लड़ाकू विमानों के हैंगर तथा कई MQ-9 रणनीतिक ड्रोन नष्ट किए जाने का दावा

आईआरजीसी के अनुसार, आज तड़के अमेरिकी सेना ने ईरान के विरुद्ध अपने सैन्य अभियान फिर से शुरू किए। बयान में कहा गया कि इन हमलों का बड़ा हिस्सा जॉर्डन की धरती पर मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों से संचालित किया जाता है।

इसके जवाब में आईआरजीसी की एयरोस्पेस फोर्स ने “नस्र-2” अभियान की छठी लहर, “या अल्लाह, या अल्लाह, या अल्लाह” के कूट संकेत के साथ जॉर्डन के अल-अज़रक स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर जवाबी हमला किया।

आईआरजीसी ने दावा किया कि इस हमले में एफ-15, एफ-16 और एफ-35 लड़ाकू विमानों के हैंगरों को नष्ट कर दिया गया तथा अड्डे पर मौजूद अमेरिका के कई MQ-9 रणनीतिक ड्रोन भी तबाह कर दिए गए।

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