वॉल स्ट्रीट जर्नल ने ईरान के क़ेश्म द्वीप पर अमेरिका के हमले की खबर दी
अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने ईरान के दक्षिण में स्थित क़ेश्म द्वीप पर अमेरिका द्वारा तड़के किए गए हमले की खबर दी है। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि ईरान के दक्षिणी हिस्से में स्थित क़ेश्म द्वीप को निशाना बनाकर सीमित स्तर के हमले किए गए हैं।
इसी सिलसिले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार तड़के ईरान पर अमेरिका के हमले को लेकर एक पत्रकार के सवाल के जवाब में कहा, “मैं इस बारे में बात नहीं करना चाहता! इसके कुछ ही समय बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक और बयान देते हुए दावा किया, “हम ईरान में सीमित हमले कर रहे हैं और वे अपने उद्देश्यों को हासिल कर रहे हैं।”
अमेरिका के दोहरे रवैये पर सवाल
सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि, जब अमेरिकी राष्ट्रपति खुद ईरान के साथ बातचीत में प्रगति और समझौते की संभावना की बात कर रहे हैं, तो उसी समय ईरानी ठिकानों पर सैन्य हमले क्यों किए जा रहे हैं?
ईरान का पक्ष यह है कि किसी भी बातचीत का आधार आपसी सम्मान, राष्ट्रीय संप्रभुता और सुरक्षा की गारंटी होना चाहिए। किसी देश पर सैन्य दबाव बनाकर उससे अपनी शर्तें मनवाने की कोशिश स्थायी शांति का रास्ता नहीं हो सकती। ईरान ने पहले भी स्पष्ट किया है कि वह अपनी रक्षा करने में सक्षम है और किसी भी बाहरी आक्रमण का जवाब देने का अधिकार रखता है।
क़ेश्म द्वीप की घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि क्या अमेरिका वास्तव में पश्चिम एशिया में शांति चाहता है या बातचीत के साथ-साथ सैन्य दबाव की नीति भी जारी रखना चाहता है। किसी भी स्वतंत्र राष्ट्र की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए। विवादों का समाधान बमबारी और सैन्य धमकियों से नहीं, बल्कि समानता, संवाद और अंतरराष्ट्रीय कानून के आधार पर होना चाहिए।

