ब्रिटेन द्वारा आईआरजीसी को आतंकी घोषित किए जाने की ईरानी सेना ने निंदा की
ईरान के ख़िलाफ़ अपनी नीतियों को आगे बढ़ाते हुए ब्रिटेन ने इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी/सिपाह-ए-पासदारान) को अपने कथित आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल कर दिया है।
स्काई न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, “ब्रिटेन ने ईरान की इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) को आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल कर लिया है।”
ब्रिटेन की ईरान-विरोधी कार्रवाई
ईरानी सेना के जनसंपर्क विभाग ने एक बयान में कहा कि ब्रिटिश संसद द्वारा इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स को, जिसे दुनिया की सबसे बड़ी आतंकवाद-विरोधी सेनाओं में से एक बताया गया है, “आतंकवादी” घोषित करना ब्रिटिश अधिकारियों की दुर्भावना, दोहरे मापदंड और आतंकवाद के मुद्दे पर उनकी कथनी-करनी के अंतर का परिणाम है।
बयान में कहा गया कि इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स हमेशा आतंकवाद के विरुद्ध संघर्ष की अग्रिम पंक्ति में रही है। पश्चिम एशिया क्षेत्र में आतंकवाद से लड़ने तथा ईरान की राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा की रक्षा में इस बल का इतिहास उसके जवानों और कर्मचारियों के निरंतर प्रयासों और बलिदानों का स्पष्ट प्रमाण है।
सेना के अनुसार, आईआरजीसी ने केवल एक सैन्य बल के रूप में ही नहीं, बल्कि एक सामाजिक और सांस्कृतिक संस्था के रूप में भी वर्षों तक ईरानी जनता और पड़ोसी देशों की महत्वपूर्ण सेवाएँ की हैं तथा हमेशा मुसलमानों और वंचित लोगों का समर्थन किया है।
बयान में आगे कहा गया कि ब्रिटिश संसद द्वारा क़दम ऐसे समय में उठाए जा रहे हैं जब ब्रिटेन का पश्चिम एशिया में विभाजन पैदा करने, विभिन्न गुटों को बढ़ावा देने और आतंकवाद का समर्थन करने का लंबा और विवादास्पद इतिहास रहा है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि इस्राईल, कुछ यूरोपीय देशों और अमेरिका के साथ मिलकर, दुनिया में आतंकवाद के सबसे बड़े समर्थकों में शामिल है तथा क्षेत्र के आतंकवादी समूहों का समर्थन करके अपने उद्देश्यों को आगे बढ़ाता रहा है।
अंत में ईरानी सेना के जनसंपर्क विभाग ने ब्रिटिश संसद की इस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि ईरानी सेना और इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स देश के सर्वोच्च कमांडर के नेतृत्व में एकजुट होकर ईरान के खिलाफ किसी भी ख़तरे, चुनौती और आक्रमण का सामना करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। साथ ही आईआरजीसी के अपने साथियों की सफलता और सुरक्षा के लिए शुभकामनाएँ भी व्यक्त की गईं।

