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ईरान में एक पंडित का भाषण वायरल: “ईरान ने अमेरिका को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया”

ईरान में एक पंडित का भाषण वायरल: “ईरान ने अमेरिका को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया”

ईरान में एक पंडित का बयान इन दिनों सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। उन्होंने कहा कि “ईरान ने अमेरिका को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।” उनका यह बयान उस समय सामने आया जब वे ईरान में आयोजित आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार संबंधी कार्यक्रमों में भाग लेने पहुँचे थे।

रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की राजधानी तेहरान में पूर्व ईरानी सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में जारी हैं। उनकी शहादत 28 फ़रवरी को अमेरिका और इस्राईल के संयुक्त हमले में हुई थी तथा उन्हें 9 जुलाई को सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा।

इन कार्यक्रमों में भारत से भी ईरानी सरकार के निमंत्रण पर कई लोग शामिल हुए हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के रहने वाले पंडित विजय कुमार शर्मा भी शामिल हैं। उनकी यौमे-क़ुद्स के अवसर पर की गई एक तक़रीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है, जिसमें वे अमेरिका की कड़ी आलोचना करते हुए ईरान की शक्ति और दृढ़ता की प्रशंसा करते दिखाई देते हैं।

इस वीडियो ने विशेष रूप से भारत में बहस छेड़ दी है। कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या ईरान का पूर्ण समर्थन किया जाना चाहिए या भारतीयों को इस मुद्दे पर संतुलित दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

अपने भाषण में पंडित विजय कुमार शर्मा ने कहा, “ये वे लोग हैं जिन्होंने कभी अमेरिका से डरना नहीं सीखा। हमें ईरान का शुक्रगुज़ार होना चाहिए, क्योंकि वर्षों से पूरी दुनिया इस बात का इंतज़ार कर रही थी कि कोई अमेरिका को उसकी औक़ात दिखाए। ईरान ने अमेरिका को घुटनों पर ला दिया।” इसके बाद उन्होंने ईरानी जनता के साहस और दृढ़ता की भी सराहना की।

उन्होंने आगे कहा, “हुसैनियत का अर्थ है मज़लूमों के साथ खड़ा होना, और आयतुल्लाह ख़ामेनेई हमेशा मज़लूमों और ग़रीबों के साथ खड़े रहे।”

वीडियो देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें 

रिपोर्ट के अनुसार, भारत के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े कई प्रमुख व्यक्तियों ने भी तेहरान पहुँचकर आयतुल्लाह ख़ामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की। इनमें कांग्रेस नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद, सांसद पवन खेड़ा, जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ़्ती, तथा अंजुमन-ए-शरीइया शियान के अध्यक्ष आगा सैयद हसन मौसवी अल-सफ़वी के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल शामिल था। इस प्रतिनिधिमंडल ने 3 जुलाई को सबसे पहले श्रद्धांजलि अर्पित की।

इसके बाद 4 जुलाई को केंद्रीय राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हुसैन ने भी अंतिम संस्कार कार्यक्रम में भाग लिया तथा भारत सरकार और भारतीय जनता की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी अंतिम संस्कार में शामिल होने का निमंत्रण दिया था। रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य जनाज़े की नमाज़ 6 जुलाई को निर्धारित है। इस समय उनका ताबूत तेहरान के इमाम ख़ुमैनी मुसल्ला में आम लोगों के दर्शन के लिए रखा गया है। 7 जुलाई को पवित्र शहर क़ुम में श्रद्धांजलि कार्यक्रम होंगे, जबकि 9 जुलाई को उनके पैतृक शहर मशहद में दफ़न किए जाने की बात कही गई है।

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