Site icon ISCPress

जॉर्डन के अल-रुक़बान क्षेत्र में कई अमेरिकी सैनिक मारे गए: आईआरजीसी

जॉर्डन के अल-रुक़बान क्षेत्र में कई अमेरिकी सैनिक मारे गए: आईआरजीसी

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने एक बहुत बड़ा दावा करते हुए कई अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया है। आईआरजीसी के जनसंपर्क विभाग ने ईरानी जनता को संबोधित करते हुए कहा:

“ईरान की जागरूक और सदैव राष्ट्रहित में उपस्थित जनता, आपकी दुआओं से अमेरिकी दुश्मन के विरुद्ध इस्लामी लड़ाकों का दंडात्मक अभियान सफलतापूर्वक जारी है।

ऑपरेशन नस्र-2 की 24वीं लहर के तहत आईआरजीसी की एयरोस्पेस फ़ोर्स ने जॉर्डन के अल-रुक़बान क्षेत्र में अमेरिकी सेना के ठिकाने पर हमला किया, जिसमें कई अमेरिकी सैनिक मारे गए।”

बयान में अमेरिकी रक्षा मंत्री पर भी तीखा हमला किया गया है। आईआरजीसी का आरोप है कि उन्होंने मारे गए सैनिकों की वास्तविक संख्या को कम करके पेश किया और उन्हें “हीरो” बताया। ईरानी पक्ष का कहना है कि जो सैनिक अत्याधुनिक हथियारों का उपयोग कर निर्दोष बच्चों और आम नागरिकों की हत्या करते हैं, उन्हें किसी भी सभ्य समाज में नायक नहीं माना जा सकता।

आईआरजीसी ने कहा, “दुनिया की कोई भी सम्मानित क़ौम उन कायर सैनिकों को नायक नहीं कहती, जो अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल मासूम बच्चों की हत्या के लिए करते हैं।”

बयान के अंत में कहा गया कि, अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा क्षेत्र में किए जा रहे सैन्य अभियानों का अंततः जवाब दिया जाएगा तथा ऐसे हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों को उनके कार्यों का परिणाम भुगतना पड़ेगा। बयान में यह भी कहा गया कि दुनिया के स्वतंत्रता-समर्थक लोग कथित युद्ध अपराधियों को न्याय के कटघरे तक पहुँचाने का प्रयास करेंगे।

हालांकि इस ख़बर की अमेरिकी सेना की तरफ़ से अभी पुष्टि नहीं की गई है। यह भी वास्तविकता है कि, अमेरिका कभी भी अपने सैनिकों के हताहत होने या घायल होने की सही संख्या बयान नहीं करता।

Exit mobile version