प्रतिरोध मोर्चे के लड़ाकों ने ईरान की जवाबी रणनीति को समर्थन दिया: इस्माइल क़ानी
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की कुद्स फोर्स के कमांडर का कहना है कि उन्हें प्रतिरोध मोर्चे (रेजिस्टेंस फ्रंट) के अधिकारियों की ओर से ऐसे संदेश मिले हैं, जिनमें उन्होंने इस्लामी क्रांति के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह सैयद मुजतबा ख़ामेनेई के प्रति अपनी निष्ठा और समर्थन का संकल्प जताया है।
बुधवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) अकाउंट पर एक पोस्ट में ब्रिगेडियर जनरल इस्माइल क़ानी ने कहा कि प्रतिरोध मोर्चे के लड़ाकों ने सभी मोर्चों पर एकजुटता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने लिखित रूप में ‘पूर्ण निष्ठा और वफादारी की घोषणाएं’ जारी की हैं।
यह कदम आयतुल्लाह मुजतबा ख़ामेनेई के उस निर्देश के बाद उठाया गया है, जिसमें उन्होंने सशस्त्र बलों को किसी भी ख़तरे का तेजी से और ‘भौगोलिक सीमाओं की परवाह किए बिना’ जवाब देने का आदेश दिया था। क़ानी के मुताबिक़, इन पत्रों से यह स्पष्ट होता है कि पूरे क्षेत्र के प्रतिरोधी कमांडरों ने सर्वोच्च स्तर पर नेता के आदेश को प्राप्त कर लिया है और उसे अमल में लाने की तैयारी कर ली है।
पिछले सप्ताह ईरान के शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ हुई एक बैठक में आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने वरिष्ठ कमांडरों को निर्देश दिया था कि वे अमेरिका और इस्राईल की ओर से किसी भी ख़तरे का तत्काल और शक्तिशाली जवाब देने के लिए तैयार रहें। उन्होंने स्पष्ट किया था कि इस जवाबी कार्रवाई की कोई ‘भौगोलिक सीमा’ नहीं होगी।

