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पुतिन ने ईरान के शहीद सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह ख़ामेनेई के योगदान की सराहना की

पुतिन ने ईरान के शहीद सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह ख़ामेनेई के योगदान की सराहना की

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के शहीद सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के योगदान को याद करते हुए वैश्विक ऊर्जा सहयोग को बढ़ावा देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। पुतिन का यह वक्तव्य अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा मंच पर आयतुल्लाह ख़ामेनेई की सक्रिय भागीदारी और गैस उत्पादक देशों के बीच सहयोग को मज़बूत करने के उनके प्रयासों को रेखांकित करता है।

आठवें गैस निर्यातक देशों के मंच (GECF) शिखर सम्मेलन में संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा कि आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई इस संगठन की स्थापना के सबसे सक्रिय समर्थकों में शामिल थे। उन्होंने आयतुल्लाह ख़ामेनेई की भूमिका को याद करते हुए कहा, वे वास्तव में हमारे मंच की स्थापना में सबसे सक्रिय प्रतिभागियों में से एक थे और हम कृतज्ञतापूर्वक उनका स्मरण करते हैं।”

GECF: ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग का महत्वपूर्ण मंच

गैस निर्यातक देशों का मंच (GECF) एक अंतर-सरकारी संगठन है, जिसमें ईरान, रूस और क़तर सहित प्राकृतिक गैस के प्रमुख उत्पादक देश शामिल हैं। इस संगठन का विचार वर्ष 2001 में तेहरान में प्रस्तुत किया गया था और इसे वर्ष 2008 में औपचारिक रूप से स्थापित किया गया।

संगठन के सदस्य देशों के पास दुनिया के प्रमाणित प्राकृतिक गैस भंडार का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा है। इसके अतिरिक्त, ये देश वैश्विक गैस उत्पादन और निर्यात में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। इस प्रकार GECF अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा व्यवस्था में एक अहम स्थान रखता है। ईरान जैसे ऊर्जा-संपन्न देश के लिए इस मंच का महत्व विशेष है, क्योंकि बहुपक्षीय सहयोग के माध्यम से वह वैश्विक ऊर्जा संवाद में अपनी भूमिका को आगे बढ़ा सकता है।

ऊर्जा सुरक्षा और स्वतंत्र नीतिगत निर्णयों पर ज़ोर

GECF का एक प्रमुख उद्देश्य सदस्य देशों के बीच संवाद और नीतिगत समन्वय को प्रोत्साहित करना है। प्राकृतिक गैस की वैश्विक मांग, बाजार में उतार-चढ़ाव और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों के बीच ऐसे मंच उत्पादक देशों को अपने साझा हितों पर चर्चा करने का अवसर देते हैं।

आयतुल्लाह ख़ामेनेई के योगदान का उल्लेख करते हुए पुतिन ने अप्रत्यक्ष रूप से इस बात को भी रेखांकित किया कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए संस्थागत मंचों का निर्माण दीर्घकालिक महत्व रखता है। ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा जैसे मुद्दे विशेष रूप से उन देशों के लिए महत्वपूर्ण हैं, जो वैश्विक बाजार में बाहरी दबावों और आर्थिक प्रतिबंधों जैसी चुनौतियों का सामना करते हैं।

आयतुल्लाह ख़ामेनेई की विरासत का एक महत्वपूर्ण पहलू

आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की राजनीतिक विरासत पर अलग-अलग विचार हो सकते हैं, लेकिन GECF की स्थापना में उनकी भूमिका का पुतिन द्वारा सार्वजनिक रूप से उल्लेख किया जाना उनके अंतरराष्ट्रीय योगदान के एक विशिष्ट पहलू को सामने लाता है। यह बयान दर्शाता है कि ऊर्जा सहयोग और बहुपक्षीय संस्थागत व्यवस्था के संदर्भ में ईरान की भूमिका को रूस जैसे प्रमुख ऊर्जा उत्पादक देश के नेतृत्व द्वारा भी महत्व दिया गया।

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