इस्राईली पत्रकार का दावा: बिन सलमान ने ट्रंप से शांत रहने की अपील की
अमेरिका और इस्राईल के मनोवैज्ञानिक तथा मीडिया अभियानों से जुड़े पत्रकार के रूप में पहचाने जाने वाले बाराक राविद ने दावा किया है कि सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान ने डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात कर उनसे ईरान पर व्यापक सैन्य हमला न करने का अनुरोध किया। उनके अनुसार, बिन सलमान ने अमेरिका की संभावित सैन्य कार्रवाई पर चिंता जताते हुए ट्रंप से क्षेत्र में तनाव और युद्ध को बढ़ाने से बचने की अपील की।
राविद ने दो अमेरिकी सूत्रों के हवाले से लिखा कि इस बातचीत में रियाद ने वॉशिंगटन की सैन्य योजना के बारे में जानकारी भी मांगी और ऐसे किसी भी हमले के गंभीर क्षेत्रीय और वैश्विक परिणामों को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की।
यदि यह दावा सही है, तो यह सवाल भी उठता है कि, वही सऊदी नेतृत्व, जिसने वर्षों से अमेरिका की क्षेत्रीय नीतियों का समर्थन किया है, आज संभावित युद्ध के परिणामों से चिंतित क्यों दिखाई दे रहा है। आलोचकों का कहना है कि जब तक संकट दूसरे देशों तक सीमित रहता है तब तक चुप्पी साध ली जाती है, लेकिन जब युद्ध की आग पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में लेने की आशंका पैदा होती है, तब शांति और संयम की बातें शुरू हो जाती हैं।
दूसरी ओर, डोनाल्ड ट्रंप भी पहले कई बार ईरान के खिलाफ कड़ी सैन्य कार्रवाई की धमकियां देते रहे हैं, लेकिन बाद में अलग-अलग कारणों का हवाला देकर अपने रुख में बदलाव करते रहे। इससे उनके बयानों की विश्वसनीयता पर भी प्रश्न उठते हैं। आलोचकों का मानना है कि बार-बार युद्ध की धमकी देकर फिर पीछे हटना केवल दबाव की राजनीति और मनोवैज्ञानिक युद्ध का हिस्सा बनकर रह जाता है।
हालांकि, यह पूरा दावा फिलहाल बाराक राविद द्वारा अमेरिकी सूत्रों के हवाले से किया गया है। फिर भी इतना स्पष्ट है कि ईरान के विरुद्ध किसी भी बड़े सैन्य अभियान की स्थिति में पूरा पश्चिम एशिया अस्थिर हो सकता है और उसके दूरगामी राजनीतिक, आर्थिक तथा सुरक्षा संबंधी परिणाम सामने आ सकते हैं।

