ईरान, अमेरिका के साथ अपने युद्ध-पूर्व कूटनीतिक रवैये पर वापस नहीं लौटेगा: मोहसिन रज़ाई
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (SNSC) के सचिव मोहसिन रज़ाई ने दोहराया है कि, ईरान अमेरिका के साथ अपने युद्ध-पूर्व कूटनीतिक रवैये पर वापस नहीं लौटेगा। उन्होंने वॉशिंगटन से “कार्रवाई करने” और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए ईरान की शर्तों को पूरा करने का आह्वान किया है।
मेजर जनरल मोहसिन रज़ाई ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा, “ईरान की नई कूटनीति अतीत की ओर वापस नहीं लौटेगी,” उन्होंने दावा किया कि, इस्लामी गणराज्य एक नए रणनीतिक शिखर पर पहुंच चुका है।
उन्होंने कहा,
“हम अमेरिका को ईरानी जनता के अधिकारों का सम्मान करने और उसे बताई गई शर्तों का पालन करने के लिए मजबूर करेंगे; अन्यथा हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य नहीं खोला जाएगा।”
उन्होंने आगे कहा,
“बातचीत बहुत हो चुकी। अब कार्रवाई करें।”
रज़ाई की यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में ईरान के ख़िलाफ़ नई धमकियां दिए जाने के एक दिन बाद आई। ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा था कि अगर तेहरान किसी समझौते पर सहमत नहीं होता है, तो अमेरिका इस्लामी गणराज्य को “पूरी तरह नष्ट” कर सकता है। ईरानी अधिकारियों और सशस्त्र बलों ने ट्रंप की धमकियों को ख़ारिज करते हुए कहा है कि, किसी भी बातचीत को आगे बढ़ाने से पहले वॉशिंगटन को ठोस कदम उठाने होंगे।
बुधवार को अलग-अलग टिप्पणियों में रज़ाई ने कहा कि, ईरान ने ताक़त पर आधारित कूटनीति के एक नए चरण में प्रवेश किया है। उन्होंने संकल्प जताया कि तेहरान उस कूटनीतिक रवैये पर वापस नहीं लौटेगा, जो फरवरी में ईरान के ख़िलाफ़ अमेरिका-इस्राईल युद्ध शुरू होने से पहले मौजूद था।
उन्होंने कहा कि,
ईरान ने युद्ध के कारण पैदा हुई स्थिति के समाधान के लिए सात शर्तें औपचारिक रूप से तय की हैं और इन शर्तों को पाकिस्तान तथा क़तर समेत क्षेत्रीय मध्यस्थों के माध्यम से वॉशिंगटन तक पहुंचा दिया गया है। रज़ाई ने यह भी कहा कि जब तक ईरान की शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य दोबारा नहीं खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका को सबसे पहले ईरानी जनता का विश्वास अर्जित करना होगा।
अराक़ची ने अमेरिका तक ईरान की “स्पष्ट और पारदर्शी” शर्तें पहुंचाईं: प्रवक्ता
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची ने मंगलवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान अमेरिका के क्षेत्रीय दूत स्टीव विटकॉफ से मुलाकात की। रिपोर्टों के अनुसार, अराक़ची ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए तेहरान की शर्तें अमेरिका तक पहुंचाने के उद्देश्य से विटकॉफ से मुलाकात पर सहमति जताई थी। इस बैठक के दौरान अमेरिकी प्रतिनिधि को ईरान के “दृढ़ रुख” से अवगत कराया गया।
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, विदेश मंत्री अराघची ने अमेरिका तक ईरान की शर्तों को “स्पष्ट और पारदर्शी” तरीके से पहुंचाया। एक ईरानी प्रवक्ता ने कहा कि यह कूटनीतिक प्रक्रिया लगभग दो घंटे तक चली।
इस्लामी गणराज्य द्वारा रखी गई शर्तों में शामिल हैं:
ईरानी बंदरगाहों और जहाजों पर लगाए गए अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को तत्काल हटाना।
ईरान की सभी जमी हुई संपत्तियों/धनराशि को तत्काल जारी करना।
“सभी प्रतिरोध मोर्चों पर युद्ध समाप्त करना।”
ईरान का कहना है कि इन शर्तों को पूरा किए बिना हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने का सवाल नहीं उठता।

