दबाव डालकर ईरान को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता: पेज़ेश्कियान
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा है कि, ईरान को दबाव डालकर आत्मसमर्पण के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। उन्होंने नागरिकों को निशाना बनाने वाली अमेरिका की कथित आक्रामक कार्रवाइयों के औचित्य पर सवाल उठाते हुए पूछा कि, आम नागरिकों और उनकी बुनियादी ज़रूरतों को क्यों निशाना बनाया जा रहा है?
शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिका से नागरिक बुनियादी ढांचे, खाद्य आपूर्ति और लोगों की आजीविका को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों को लेकर सवाल किया। उन्होंने कहा कि, यदि अमेरिका वास्तव में युद्ध करना चाहता है, तो उसे सैन्य बलों से सीधे मुक़ाबला करना चाहिए, न कि नागरिक ठिकानों को निशाना बनाना चाहिए।
उन्होंने लिखा, “अगर अमेरिकी योद्धा हैं, तो उन्हें हमारी बहादुर सैन्य ताक़तों का सामना करने दें। नागरिक बुनियादी ढांचे, खाद्य आपूर्ति और लोगों की आजीविका के ख़िलाफ़ युद्ध क्यों छेड़ रहे हैं?”
राष्ट्रपति ने बुनियादी जरूरतों तक लोगों की पहुंच को प्रतिबंधित करने को लेकर भी वॉशिंगटन पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा, “अगर वे (अमेरिकी) इंसान हैं, तो लोगों को पानी, भोजन और दवाइयों तक पहुंचने से क्यों रोक रहे हैं?”
पेज़ेश्कियान ने अंत में स्पष्ट किया कि दबाव और धमकियां ईरान को झुकने के लिए मजबूर नहीं कर सकतीं। उन्होंने कहा, “हमारे लोगों को धमकाकर आत्मसमर्पण के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। ईरान आत्मसमर्पण नहीं करेगा।”
ये टिप्पणियां अमेरिका द्वारा ईरान के ख़िलाफ़ की गईं प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाइयों के संदर्भ में थीं, जिन्हें ईरानी पक्ष अनुचित और आक्रामक कार्रवाई मानता है। इनमें पिछले जून और इस साल की शुरुआत में इस्राईल के साथ मिलकर इस्लामी गणराज्य ईरान के ख़िलाफ़ किए गए युद्ध भी शामिल हैं। इन संघर्षों में हजारों लोगों की जान गई है, जिनमें बड़ी संख्या में निर्दोष नागरिक भी शामिल हैं।
इन टिप्पणियों में वॉशिंगटन द्वारा दशकों से चलाए जा रहे आर्थिक दबाव अभियान का भी संदर्भ था। इस अभियान के तहत भोजन, दवाइयों और विमानों के कलपुर्जों जैसी अत्यंत आवश्यक वस्तुओं और आपूर्तियों को भी प्रतिबंधों के दायरे में रखा गया है।
ईरानी अधिकारियों ने लंबे समय से चले आ रहे इस कथित रक्तपात, विनाश और आर्थिक दबाव के अभियान का सामना लगातार इस दावे के साथ किया है कि ईरान अपनी दृढ़ता और मजबूती बनाए रखेगा तथा ऐसे अनुचित दबाव के आगे नहीं झुकेगा, जिसे शुरू करने में उसकी कोई भूमिका नहीं थी।

