Site icon ISCPress

होर्मुज़ में तीन उल्लंघनकारी जहाज़ों में विस्फोट, दो LUCAS ड्रोन ज़ब्त: IRGC

होर्मुज़ में तीन उल्लंघनकारी जहाज़ों में विस्फोट, दो LUCAS ड्रोन ज़ब्त: IRGC

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) का कहना है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य में घुसपैठ करने वाले तीन जहाज़ों में विस्फोट हुआ है। साथ ही, उसने अमेरिका में निर्मित दो LUCAS ड्रोन को सफलतापूर्वक अपने क़ब्ज़े में लेने का दावा किया है। गुरुवार को जारी एक बयान में IRGC की नौसेना के जनसंपर्क कार्यालय ने बताया कि बीती रात दो अलग-अलग घटनाओं में ये घटनाएं हुईं।

बयान के अनुसार, एक बड़ा तेल टैंकर होर्मुज़ जलडमरूमध्य के निर्धारित मार्ग के बजाय अनधिकृत दक्षिणी रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान वह एक समुद्री बारूदी सुरंग (माइन) से टकरा गया, जिसके बाद उसमें आग लग गई और उसे रोक दिया गया।

एक अन्य विशाल तेल टैंकर जलडमरूमध्य के पूर्वी हिस्से में बने समुद्री गलियारे से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान वह भीषण आग की चपेट में आ गया और उसे अपना रास्ता रोकना पड़ा। आग बुझाने में मदद के लिए उसके पास पहुंची एक टगबोट (जहाज़ों को खींचने और सहायता देने वाली नाव) में भी आग लग गई।

IRGC ने यह भी बताया कि उसकी नौसेना की इलेक्ट्रॉनिक युद्ध इकाई (Electronic Warfare Unit) ने घुसपैठ करने वाले दो LUCAS श्रेणी के मानवरहित हवाई वाहनों (ड्रोन) का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। इसके बाद उन्हें सुरक्षित रूप से नीचे उतारकर युद्ध में जब्त किए गए सामान के रूप में अपने क़ब्ज़े में ले लिया गया।

ईरान ने 28 फरवरी से शुरू हुई अमेरिका और इस्राईल की कथित अवैध सैन्य आक्रामकता के जवाब में होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जहाज़ों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया था। यह 40 दिनों तक चले संघर्ष के बाद अप्रैल की शुरुआत में समाप्त हुआ।

17 जून को तेहरान और वॉशिंगटन के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता से एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के अनुच्छेद 5 के तहत होर्मुज़ जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने और उसका प्रबंधन करने की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से ईरान को सौंपी गई है।

हालांकि, अमेरिका ने जलडमरूमध्य पर ईरान की संप्रभुता को कमज़ोर करने की कोशिश की और युद्ध समाप्त करने वाले समझौते का उल्लंघन करते हुए वहां नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी। इसके जवाब में तेहरान ने इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को सभी प्रकार के जहाज़ों के आवागमन के लिए बंद घोषित कर दिया।

दुनिया के ऊर्जा व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण इस समुद्री मार्ग के बंद होने से दुनियाभर में ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आया है। अमेरिका में 2026 के मध्यावधि चुनाव मंगलवार को हुए, जिनमें मतदाताओं ने रिपब्लिकन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की युद्ध संबंधी नीतियों के खिलाफ कड़ी नाराज़गी जताई। इसके परिणामस्वरूप डेमोक्रेटिक पार्टी को कांग्रेस के दोनों सदनों में नियंत्रण मिल गया।

ट्रंप ने भी स्वीकार किया कि ईरान के खिलाफ सैन्य हमले का उनकी पार्टी की चुनावी हार में काफी हद तक योगदान रहा।

IRGC ने अपने बयान में कहा,

“अमेरिकी शासन जहाज़ों को नियमों का उल्लंघन करने और बारूदी सुरंगों से भरे समुद्री रास्ते से गुज़रने के लिए उकसाकर अमेरिकी करदाताओं और अपने क्षेत्रीय सहयोगियों पर क्षतिग्रस्त जहाज़ों की भारी बीमा लागत का बोझ डाल रहा है।”

बयान में आगे कहा गया,

“यदि अमेरिकी शासन ने थोड़ी-सी भी दूरदर्शिता दिखाई होती, तो वह अब तक हुए भारी खर्च के आधे से भी कम रकम में ईरान की जब्त की गई धनराशि को मुक्त कराकर इन भारी आर्थिक नुक़सानों से बच सकता था। लेकिन इसके बजाय वह लगातार भारी नुक़सान उठा रहा है और चुनाव में अपमानजनक हार का सामना कर रहा है।”

अंत में, इस विशिष्ट सैन्य बल (IRGC) ने चेतावनी दी कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य में कानून और नियमों का उल्लंघन करने की किसी भी कोशिश का नतीजा अमेरिका के लिए और अधिक आर्थिक नुक़सान तथा उससे भी बड़े राजनीतिक झटके के रूप में सामने आएगा।

Exit mobile version