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इराक़ के इरबिल में अमेरिकी सैनिकों के ठिकाने पर ड्रोन हमला

इराक़ के इरबिल में अमेरिकी सैनिकों के ठिकाने पर ड्रोन हमला

इराक़ी मीडिया के अनुसार, इरबिल हवाई अड्डे के निकट स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ड्रोन से हमला किया गया है। हमले के बाद अमेरिकी अड्डे से धुएँ के घने गुबार उठते देखे गए। ड्रोन के हमले वाले स्थान पर कई एम्बुलेंस पहुँच गईं।

इरबिल स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में लगातार बज रहे हैं सायरन

इराक़ी मीडिया ने बताया कि पिछले लगभग 40 मिनट से इरबिल हवाई अड्डे के पास स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में चेतावनी सायरन लगातार बज रहे हैं। इसी दौरान लगातार कई विस्फोटों की आवाज़ें भी सुनाई दे रही हैं।

इराक़ के सुलेमानिया में भी विस्फोटों की आवाज़ें

मीडिया सूत्रों के अनुसार, उत्तरी इराक के सुलेमानिया प्रांत में ईरान-विरोधी कुर्द समूहों के ठिकानों पर हमला किया गया है।

होर्मुज़ जलडमरूमध्य के कारण ईरान के साथ कूटनीति ही एकमात्र समाधान: जेडी वेंस

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हैं और वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी है।

वेंस ने कहा, “होर्मुज़ जलडमरूमध्य में ईरान जिस प्रकार का असंतुलित ख़तरा पैदा कर सकता है, उससे स्पष्ट है कि इस विवाद का एकमात्र समाधान कूटनीति है।”

उन्होंने कहा, “मैं उन अमेरिकियों से बेहद निराश हूँ जो यह मानते हैं कि ईरानियों के साथ बातचीत करना असंभव है।”

लेकिन यही बयान कई गंभीर सवाल भी खड़े करता है। यदि अमेरिका स्वयं मानता है कि इस विवाद का समाधान कूटनीति और बातचीत है, तो फिर ईरान के विरुद्ध सैन्य कार्रवाई क्यों की गई? आलोचकों का कहना है कि यदि बातचीत ही अंतिम रास्ता था, तो अमेरिका नेपहले सैन्य हमले का सहारा क्यों लिया??

आलोचकों का कहना है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय विवाद का स्थायी समाधान बम और मिसाइलों से नहीं, बल्कि संवाद, कूटनीति और आपसी समझ से निकलता है।

यदि इस विवाद का एकमात्र समाधान कूटनीति था, तो फिर अमेरिका ने ईरान पर हमला क्यों किया? सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह ख़ामेनेई को धोखे से शहीद क्यों किया?? मीनाब स्कूल की 168 मासूम छात्राओं का क्या क़सूर था जिसे अमेरिकी सेना ने हमला करके बेदर्दी से शहीद कर दिया??

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