जॉर्डन स्थित अमेरिकी प्रिंस हसन एयरबेस में कमांड एवं कंट्रोल सेंटर तथा MQ-9 ड्रोन हैंगर नष्ट कर दिए गए: आईआरजीसी
आईआरजीसी द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि “अपराधी अमेरिकी शासन” ने ओमान की सल्तनत की सरकार पर अपनी इच्छा थोपते हुए बीती रात एक बार फिर दक्षिणी होरमुज़ जलडमरूमध्य में कुछ नौकाओं को उकसाकर एक अवैध समुद्री मार्ग बनाने का प्रयास किया, जिसे ईरानी नौसेना की दृढ़ प्रतिक्रिया के बाद रोक दिया गया।
बयान के अनुसार, इस विफलता की भरपाई करने के लिए अमेरिकी सेना ने दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में स्थित कुछ सैन्य ठिकानों और दूरसंचार टावरों पर हवाई हमले किए। आईआरजीसी ने दावा किया कि “जैसा कि हमने पहले ही चेतावनी दी थी, इस आक्रमण का तत्काल और करारा जवाब दिया गया।”
आईआरजीसी के एयरोस्पेस बलों ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। जवाबी कार्रवाई के पहले चरण में जॉर्डन के प्रिंस हसन एयरबेस में स्थित महत्वपूर्ण सैन्य प्रतिष्ठानों पर कई बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया, जिसमें इस एयरबेस का कमांड एवं कंट्रोल सेंटर और MQ-9 ड्रोन के हैंगर नष्ट कर दिए गए।
बयान में चेतावनी दी गई है कि, यदि वादा तोड़ने वाला अमेरिका अपने हमले जारी रखता है, तो उसे इससे भी अधिक कड़े जवाब का सामना करना पड़ेगा।
बहरीन से HIMARS मिसाइल दागे जाने का वीडियो
सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो को लेकर कुछ बहरीनी उपयोगकर्ताओं का दावा है कि इसमें बहरीन की भूमि से अमेरिकी HIMARS रॉकेट सिस्टम द्वारा मिसाइलें दागी जाती हुई दिखाई दे रही हैं।
इन उपयोगकर्ताओं का कहना है कि बहरीन सरकार ने खुले तौर पर अपनी भूमि का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए अमेरिका को करने दिया है, इसलिए उसे ईरान की संभावित जवाबी कार्रवाइयों पर आपत्ति नहीं करनी चाहिए।

