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ईरान की नाकाबंदी तोड़ना अनिवार्य है: इराक़ी इस्लामी सुप्रीम काउंसिल

ईरान की नाकाबंदी तोड़ना अनिवार्य है: इराक़ी इस्लामी सुप्रीम काउंसिल

इराक़ी इस्लामी सुप्रीम काउंसिल के प्रमुख ने ईरान के ख़िलाफ़ सैन्य, आर्थिक और मीडिया संबंधी नाकाबंदी तथा आक्रामक कार्रवाइयों में किसी भी प्रकार की भागीदारी को हराम (धार्मिक रूप से निषिद्ध) क़रार दिया है।

शनिवार शाम इराक़ी इस्लामी सुप्रीम काउंसिल के प्रमुख हमाम हमूदी ने ट्रंप द्वारा ईरान की उड़ानों पर लगाए गए कथित अन्यायपूर्ण और अमानवीय प्रतिबंध/नाकाबंदी की निंदा की।

हमूदी ने कहा कि, यह नाकाबंदी अंतरराष्ट्रीय कानूनों और इराक़ के संविधान, विशेष रूप से अनुच्छेद 8, के विरुद्ध है, जिसमें अच्छे पड़ोसी संबंधों पर ज़ोर दिया गया है।

इराक़ी इस्लामी सुप्रीम काउंसिल के प्रमुख ने ज़ोर देकर कहा कि, ईरान के ख़िलाफ़ सैन्य, आर्थिक और मीडिया संबंधी नाकाबंदी तथा आक्रामक कार्रवाइयों में किसी भी प्रकार की भागीदारी हराम है और इस नाकाबंदी को तोड़ना अनिवार्य है।

इस संबंध में तेहरान में इराक़ के राजदूत यासिर अल-हज्जाज ने कहा कि, उनकी सरकार दोनों देशों के बीच उड़ानों को सामान्य स्थिति में बहाल करने के लिए अपने प्रयासों और संपर्कों को जारी रखे हुए है।

अल-हज्जाज ने कहा:

“इराक़ सरकार दोनों देशों की जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए तथा नागरिकों और यात्रियों के बीच आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से, दोनों देशों के बीच उड़ानों की स्थिति को सामान्य करने के लिए अपने गहन प्रयासों और संपर्कों को जारी रखे हुए है।”

उन्होंने आगे कहा:

“इराक़ सरकार इन परिस्थितियों से आगे बढ़ते हुए, कम से कम समय में उड़ानों को सामान्य स्थिति में वापस लाने के लिए प्रयास करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।”

इस इराक़ी राजनयिक ने यह भी कहा कि उड़ानों की बहाली का महत्व केवल पर्यटन और यात्रा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका संबंध बड़ी संख्या में इराकी नागरिकों तथा उन छात्रों से भी है, जो ईरान में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

उन्होंने ईरान के शैक्षणिक संस्थानों में लगभग 1 लाख इराक़ी छात्रों की मौजूदगी और ईरान में रहने वाले इराक़ियों के एक बड़े समुदाय का उल्लेख किया, जिसकी संख्या सैकड़ों हजारों में बताई जाती है। उन्होंने कहा कि, दोनों देशों के बीच हवाई अड्डों और विभिन्न सीमा-मार्गों के जरिए प्रतिदिन हजारों यात्री आवागमन करते हैं।

हमूदी ने यह भी ज़ोर दिया कि, इराक़ के राजनीतिक निर्णय लेने वालों को विदेशी दबावों के आगे नहीं झुकना चाहिए। उन्होंने “कोऑर्डिनेशन फ्रेमवर्क” (समन्वय ढांचे) के नेताओं से अपील की कि, वे हवाई अड्डों को बंद करने के फैसले की समीक्षा के लिए एक आपात बैठक आयोजित करें।

इराक़ी अधिकारी ने कोऑर्डिनेशन फ्रेमवर्क से यह भी कहा कि वे ईरान की नाकाबंदी में कथित अन्यायपूर्ण भागीदारी के मुद्दे पर चर्चा और विचार-विमर्श करें।

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