अराक़ची ने जॉर्डन से पूछा: जवाब देने के लिए ईरान को और कितना इंतज़ार करना चाहिए?
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराक़ची ने अपने जॉर्डन के समकक्ष के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए उनसे सवाल किया कि, इस्लामी गणराज्य ईरान को उस आक्रमणकारी का जवाब देने के लिए आखिर कितने समय तक इंतज़ार करना चाहिए, जो न तो अरब देशों की संप्रभुता का सम्मान करता है और न ही ईरान की संप्रभुता का?
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराक़ची ने जॉर्डन के विदेश मंत्री अयमन सफ़दी के बयानों पर यह प्रतिक्रिया दी है। जॉर्डन के विदेश मंत्री अयमन सफ़दी ने अपने हालिया बयान में दावा किया कि, युद्ध शुरू होने के दो घंटे बाद ईरान ने जॉर्डन और क्षेत्र के अन्य देशों पर हमला किया था और यह हमला किसी प्रतिक्रिया के रूप में नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि, जॉर्डन अपनी सुरक्षा, अपने नागरिकों और अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेगा।
अराक़ची ने इस संबंध में कल, शुक्रवार, 6 सितंबर 2026 इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा:
“जॉर्डन के विदेश मंत्री के विचार में, इस्लामी गणराज्य ईरान को उस आक्रमणकारी का जवाब देने के लिए कितने समय तक इंतज़ार करना चाहिए, जो न तो अरब देशों की संप्रभुता का सम्मान करता है और न ही ईरान की संप्रभुता का?”
ईरान के विदेश मंत्री ने इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा:
“क्या उन्हें वास्तव में इस बात की जानकारी नहीं है कि अमेरिका के शुरुआती हमलों में अरब देशों के हवाई क्षेत्र, भूमि और जलक्षेत्र का इस्तेमाल किया गया था? ये वही हमले थे जिनमें निर्दोष ईरानियों की जान गई?”
जॉर्डन के विदेश मंत्री ने बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुल्लतीफ़ बिन राशिद अल-ज़यानी के साथ टेलीफ़ोन पर हुई बातचीत में ईरान द्वारा जॉर्डन और बहरीन पर किए गए हमलों की निंदा भी की। रविवार, 1 सितंबर की रात अमेरिकी सेना द्वारा “लारक द्वीप” के कुछ हिस्सों पर किए गए हमले के बाद, जिसमें देश की रक्षा कर रहे कई लोगों और ईरानी नागरिकों की मौत हुई तथा कई अन्य घायल हुए, ईरानी सशस्त्र बलों ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
इसके बाद जॉर्डन की सेना ने एक बयान जारी कर कहा:
“वायु रक्षा प्रणालियों ने 13 बैलिस्टिक मिसाइलों का सामना किया। इनमें से 10 मिसाइलों को रोककर नष्ट कर दिया गया, जबकि तीन मिसाइलें दूरदराज़ के इलाकों में गिरीं।” जॉर्डन की सेना ने यह भी कहा कि, इस हमले में कोई नुकसान या जनहानि नहीं हुई।
इसके बाद मंगलवार रात, ९ सितंबर 2026 को, बंदर कोहस्तक में एक विवाह समारोह पर अमेरिका द्वारा किए गए हमले के बाद—जो हार्मोज़गान प्रांत के सिरिक ज़िले में स्थित है और जिसमें लगभग 70 लोग मारे गए या घायल हुए—इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की थल सेना ने जवाबी कार्यवाई करते हुए जॉर्डन, बहरीन और इरबिल में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया।

