ईरान के ख़िलाफ़ किसी भी कार्रवाई की क़ीमत चुकानी पड़ेगी: रज़ाई
ईरानी मेजर जनरल मोहसिन रज़ाई ने वेबसाइट ‘ड्रॉप साइट’ (Drop Site) को दिए गए एक बयान में कहा कि ईरान के ख़िलाफ़ किसी भी कार्रवाई की क़ीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि, यदि युद्ध जारी रहता है, तो ईरान के पास जवाबी कार्रवाई जारी रखने के लिए आवश्यक साधन मौजूद हैं।
युद्ध जारी रहने पर जवाब देने के लिए हमारे पास और भी साधन हैं
रज़ाई ने स्पष्ट किया कि ईरान ने पिछले चरणों में अपनी पूरी सैन्य क्षमता का इस्तेमाल नहीं किया है। उन्होंने कहा कि युद्ध की तीव्रता बढ़ने के साथ ईरान ने अपने अभियानों में अतिरिक्त क्षमताओं को शामिल किया है और वह अगले चरण के लिए भी तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध जारी रहने से क्षेत्रीय संबंधों की परिस्थितियों और उनके समीकरणों में बदलाव आया है, जो ईरान के हित में है।
ऊर्जा बाजारों पर रणनीतिक प्रभाव
रज़ाई ने चेतावनी दी कि, मौजूदा स्थिति जारी रहने के गंभीर रणनीतिक परिणाम होंगे। इनमें से एक यह है कि अगले तीन वर्षों तक ऊर्जा बाज़ारों में स्थिरता नहीं आ पाएगी। कूटनीतिक मोर्चे पर रज़ाई ने कहा कि ईरान कूटनीति को प्राथमिकता देता है, बशर्ते यह धारणा स्थापित की जा सके कि ईरान के ख़िलाफ़ किसी भी कार्रवाई की भारी क़ीमत चुकानी पड़ेगी।
ईरान पर संभावित हमले की तैयारियों के बीच बयान
यह बयान ऐसे समय आया है, जब क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है। इस बीच, मीडिया में ऐसी कई खबरें सामने आ रही हैं, जिनमें दावा किया गया है कि, इस्राईल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और इस्राईल के ‘सुरक्षा’ मंत्री इस्राईल काट्ज़, ईरान पर हमला करने की मंशा रखते हैं और इस संबंध में योजनाएँ तैयार कर रहे हैं।
इन खबरों के मुताबिक, संभावित हमले की योजनाओं में ईरान के बुनियादी ढाँचे, ऊर्जा प्रतिष्ठानों और परमाणु ठिकानों को निशाना बनाना भी शामिल है।

