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बहरीन में अमेरिकी सैन्य अड्डे और कई संपर्क पुल ड्रोन हमलों का निशाना बने

बहरीन में अमेरिकी सैन्य अड्डे और कई संपर्क पुल ड्रोन हमलों का निशाना बने

वैश्विक अहंकार (अमेरिका) के अपराधों के जवाब में तथा शहीदों, विशेष रूप से देश के दक्षिणी क्षेत्रों के शहीदों की स्मृति को श्रद्धांजलि स्वरूप, कुछ घंटे पहले “साएक़ाह” अभियान के पंद्रहवें चरण में इस्लामी गणराज्य ईरान की सेना के आत्मघाती ड्रोन ने बहरीन स्थित शेख ईसा अमेरिकी सैन्य अड्डे पर विमानों के हैंगर, पार्किंग क्षेत्र, ईंधन भंडार तथा कई संपर्क पुलों को निशाना बनाया।

स्थानीय सूत्रों का दावा: 

ईरानी मिसाइलों ने बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर सीधे हमला किया, जिसके बाद उन स्थानों पर लगातार विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं। अमेरिकी ठिकानों पर ईरान के लगातार हमलों की नई लहर के दौरान बहरीन के हवाई क्षेत्र में ईरानी ड्रोन देखे जाने का दावा किया गया है।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने मध्य पूर्व की यात्रा को लेकर अपने नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का हवाला देते हुए अपने नागरिकों से इस क्षेत्र की यात्रा पर पुनर्विचार करने की अपील की है। मंत्रालय ने कहा है कि क्षेत्र में हालात अचानक और गंभीर रूप से बिगड़ सकते हैं, इसलिए नागरिक लगातार जारी किए जाने वाले नवीनतम सुरक्षा परामर्श और यात्रा चेतावनियों पर नज़र रखें।

जॉर्डन और कुवैत में अमेरिकी सेना के ठिकानों पर ड्रोन हमला 

सेना के जनसंपर्क विभाग के अनुसार, कुछ घंटे पहले ऑपरेशन ‘साएक़ाह’ के चौदहवें चरण के दौरान सेना के आत्मघाती ड्रोन ने कुवैत के अल-अदीरी कैंप में अमेरिकी सेना के गोला-बारूद भंडार, अली अल-सालेम एयर बेस में स्थित मुख्यालय भवनों और हथियार भंडारों, तथा कुवैत के कई संपर्क पुलों को निशाना बनाया।

बयान में कहा गया है कि अल-अदीरी कैंप अमेरिकी बलों के समर्थन और पुनर्गठन का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जबकि अली अल-सालेम एयर बेस को फ़ारस की खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी वायु अभियानों के सबसे बड़े समर्थन और समन्वय केंद्रों में से एक माना जाता है।

आगे बताया गया कि इन हमलों के क्रम में जॉर्डन स्थित अल-अज़रक एयर बेस पर अमेरिकी सेना के ईंधन भंडारों को भी सेना के ड्रोन हमलों का निशाना बनाया गया।

बयान के अनुसार, अपनी सामरिक स्थिति, आधुनिक सैन्य अवसंरचना, उन्नत सैन्य उपकरणों की तैनाती तथा अमेरिका के बड़े निवेश के कारण अल-अज़रक एयर बेस संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण सैन्य अड्डा बन गया है, जो पश्चिम एशिया में क्षेत्रीय नियंत्रण और सैन्य अभियानों में प्रमुख भूमिका निभाता है।

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