तेहरान/मस्कट: ईरान ने रविवार (26 जुलाई 2026) को कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन को लेकर ओमान के साथ चल रही बातचीत में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल और गैस व्यापार के लिए बेहद अहम माना जाता है और इसकी सीमाएं ईरान तथा ओमान दोनों से लगती हैं।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि इस मुद्दे पर कई दौर की बातचीत हुई है। शुक्रवार और शनिवार को ईरान की राजधानी तेहरान में दोनों देशों के उप विदेश मंत्रियों के बीच वार्ता आयोजित की गई थी।
हुर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है। फारस की खाड़ी और अरब सागर को जोड़ने वाला यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम है। दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस इसी समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है।
ईरान और ओमान दोनों इस क्षेत्र में रणनीतिक स्थिति रखते हैं, इसलिए जलडमरूमध्य की सुरक्षा, आवाजाही और प्रबंधन को लेकर दोनों देशों के बीच समन्वय को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यह वार्ता ऐसे समय हुई है जब क्षेत्र में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने ईरान पर हमले फिर से शुरू किए थे, जिनका उद्देश्य तेहरान के हुर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को समाप्त करना बताया गया।
इससे पहले जून में एक समझौता ज्ञापन हुआ था, जिसके बाद कुछ समय के लिए दोनों पक्षों के बीच तनाव कम हुआ था और युद्ध जैसी स्थिति में थोड़ी राहत दिखाई दी थी।
ओमान लंबे समय से ईरान और पश्चिमी देशों के बीच संवाद के लिए एक महत्वपूर्ण माध्यम रहा है। इससे पहले भी मस्कट ने अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत में भूमिका निभाई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हुर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर किसी भी समझौते का असर केवल क्षेत्रीय सुरक्षा पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और वैश्विक व्यापार पर भी पड़ सकता है।
ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि बातचीत का उद्देश्य क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखना और समुद्री मार्गों के प्रबंधन को लेकर व्यवस्था तैयार करना है। हालांकि, वार्ता से जुड़े विस्तृत बिंदुओं को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ईरान और ओमान के बीच हुई बातचीत किस तरह आगे बढ़ती है और क्या इससे हुर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़े तनाव को कम करने में मदद मिलती है।

