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ईरान ने बढ़ाई रक्षा क्षमता, युद्ध के बाद सैन्य ताकत हुई और मजबूत

तेहरान : ईरान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री ने कहा है कि हालिया युद्ध के बाद देश की रक्षा क्षमता में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि आधुनिक तकनीक, रक्षा उत्पादन और सैन्य रणनीति के क्षेत्र में ईरान पहले से अधिक मजबूत होकर उभरा है।

ईरान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री ने कहा कि देश की सशस्त्र सेनाएं सर्वोच्च सैन्य नेतृत्व के निर्देशों के तहत लगातार अपनी रक्षा क्षमता को मजबूत कर रही हैं। यह बयान रक्षा मंत्रालय और संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा एवं विदेश नीति समिति की संयुक्त बैठक के दौरान दिया गया।

रक्षा मंत्री ने कहा कि हालिया 12 दिन के युद्ध और उसके बाद हुए सैन्य अभियानों में ईरान को अमेरिका और इस्राईल की ओर से उन्नत सैन्य तकनीक, खुफिया तंत्र और मनोवैज्ञानिक युद्ध जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उनका दावा है कि दुनिया की 150 से अधिक बड़ी टेक कंपनियों ने इन देशों को आधुनिक तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई थी।

उन्होंने कहा कि विरोधी देशों का उद्देश्य ईरान पर दबाव बनाना था, लेकिन सशस्त्र बलों की रणनीति, सैन्य नेतृत्व और जनता के समर्थन के कारण यह प्रयास सफल नहीं हो सका। उनके अनुसार, हालिया सैन्य अभियान में ईरानी सेना ने पहले की तुलना में अधिक प्रभावी रणनीति और नई तकनीकों का इस्तेमाल किया।

रक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि युद्ध के दौरान मिसाइल और ड्रोन का उत्पादन एक दिन के लिए भी नहीं रुका। इसके विपरीत, ड्रोन निर्माण की क्षमता में तीन गुना तक बढ़ोतरी की गई। उन्होंने कहा कि रक्षा उद्योग पहले से की गई तैयारियों की वजह से लगातार काम करता रहा।

उन्होंने कहा कि युद्ध के बाद ईरान ने अपने रक्षा डेटा और सुरक्षा आकलन को भी अपडेट किया है। अब सेना संभावित खतरों और विरोधियों के कमजोर बिंदुओं का बेहतर विश्लेषण कर चुकी है, जिससे भविष्य में जरूरत पड़ने पर तेज और प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी।

रक्षा मंत्री ने यह भी जोर दिया कि आधुनिक रक्षा तकनीक, अनुसंधान, स्टार्टअप और विशेषज्ञों की मदद से सैन्य क्षमताओं को और मजबूत किया जाएगा। साथ ही, रक्षा उद्योग की कुछ क्षमताओं का उपयोग देश की अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए भी किया जा रहा है।

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