ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि नाटो महासचिव के हालिया बयान से पता चलता है कि कुछ यूरोपीय देश अमेरिका और इस्राईल के साथ ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में शामिल थे।
ईरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि जिन यूरोपीय देशों ने अपने क्षेत्र, सैन्य ठिकाने और अन्य सुविधाएँ इस कार्रवाई के लिए उपलब्ध कराईं, वे अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते।
उन्होंने नाटो महासचिव मार्क रूटी की आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिका की खुलकर प्रशंसा करना ताकत नहीं, बल्कि चापलूसी का संकेत है। उनके अनुसार, इससे न तो नाटो की छवि सुधरेगी और न ही यूरोपीय देशों की प्रतिष्ठा बढ़ेगी।

