ज़ायोनी अख़बार मआरिव ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा करते हुए कहा है कि ईरान की इस्लामी क्रांति के शहीद नेता के भव्य अंतिम संस्कार समारोह के साथ ही इस्राईल के भीतर निराशा और असंतोष का माहौल देखा जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, तल अवीव में कुछ हलकों को यह महसूस किया जा रहा है कि आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई को निशाना बनाने या उन्हें हटाने से जुड़े अपने उद्देश्यों में वे सफल नहीं हो सके।
मआरिव ने लिखा कि ईरान में आयोजित विशाल जनसमूह वाले शोक और श्रद्धांजलि कार्यक्रमों ने यह संकेत दिया है कि ईरानी नेतृत्व और व्यवस्था को अभी भी व्यापक जनसमर्थन प्राप्त है। अख़बार के अनुसार, इस स्थिति ने इस्राईल की रणनीतिक गणनाओं को प्रभावित किया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ज़ायोनी सुरक्षा और सैन्य हलकों के कुछ अधिकारी ईरान के खिलाफ किसी नए सैन्य अभियान या तनाव बढ़ाने वाले कदम को लेकर चेतावनी दे रहे हैं। उनका मानना है कि क्षेत्र में पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ाने से अप्रत्याशित परिणाम सामने आ सकते हैं।
मआरिव के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच चल रही कूटनीतिक वार्ताओं ने भी इस्राईल की चिंताओं को बढ़ा दिया है। अख़बार का कहना है कि यदि तेहरान और वाशिंगटन के बीच किसी प्रकार की प्रगति होती है, तो इससे क्षेत्रीय शक्ति संतुलन पर प्रभाव पड़ सकता है और इस्राईल की रणनीतिक स्थिति अधिक जटिल हो सकती है।
रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला गया है कि मौजूदा परिस्थितियों में इस्राईल को एक कठिन रणनीतिक चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, जहाँ एक ओर ईरान का प्रभाव बना हुआ है और दूसरी ओर कूटनीतिक घटनाक्रम तल अवीव के लिए नई चिंताएँ पैदा कर रहे हैं।

