अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो सदस्य देशों के शिखर सम्मेलन के समापन पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि सीरिया, लेबनान के हिज़्बुल्लाह से जुड़े मामलों में अमेरिका की मदद कर सकता है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ट्रंप ने संकेत दिया है कि वॉशिंगटन भविष्य में सीरिया को आतंकवाद समर्थक देशों की सूची से हटाने पर विचार कर सकता है। उन्होंने कहा कि दमिश्क हिज़्बुल्लाह के संबंध में सकारात्मक भूमिका निभा सकता है।
तुर्की के राष्ट्रपति रजब तय्यब अर्दोगान के बारे में पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने कहा कि भले ही अर्दोगान और ज़ायोनी प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच घनिष्ठ संबंध नहीं हैं, लेकिन तुर्की नाटो का एक महत्वपूर्ण सहयोगी सदस्य है।
ट्रंप ने इस्राईल के साथ अमेरिका के करीबी संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने नेतन्याहू के साथ मिलकर कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि उनकी जगह कोई अन्य राष्ट्रपति होता, तो इस्राईल की स्थिति आज अलग होती।
ईरान के बारे में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने उसके परमाणु कार्यक्रम और सैन्य क्षमताओं के संबंध में महत्वपूर्ण प्रगति की है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिकी एजेंसियों को पहाड़ों के नीचे छिपाई गई परमाणु सामग्री के संभावित स्थानों की जानकारी है और उन्हें बाहर निकालने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं।
ट्रंप ने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों और जल संबंधी बुनियादी ढांचे को निशाना बना सकता है।
हालांकि, ट्रंप के इन दावों पर ईरान की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

