वॉशिंगटन : ट्रंप प्रशासन की ईरान नीति पर सवाल उठाते हुए अमेरिका की आतंकवाद-रोधी इकाई के पूर्व प्रमुख जो केंट ने कहा कि दुनिया की अमेरिका की हरकतों के कारण गलत संदेश गया है।
अमेरिका के राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक केंद्र (National Counterterrorism Center) के पूर्व प्रमुख जो केंट ने ईरान को लेकर अमेरिकी नीति की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की हालिया सैन्य कार्रवाइयों ने दुनिया के सामने यह संदेश दिया है कि केवल परमाणु हथियार रखने वाले देश ही अमेरिकी हमलों से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जो केंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि यदि अमेरिका का वास्तविक उद्देश्य परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकना था, तो हालिया नीतियों ने उसी लक्ष्य को कमजोर कर दिया है।
उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई और शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाए जाने से यह संकेत गया कि केवल यूरेनियम संवर्धन को सीमित रखना या परमाणु हथियार विकसित न करना, किसी देश को अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से नहीं बचा सकता।
जो केंट ने आगे कहा कि यदि ईरान की जगह उत्तर कोरिया का उदाहरण रखा जाए तो यह साफ दिखाई देता है कि दुनिया में ऐसा संदेश गया है कि अमेरिका के संभावित हमलों को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका परमाणु हथियार होना है।
पूर्व अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, इस तरह की नीति वैश्विक परमाणु अप्रसार प्रयासों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है, क्योंकि इससे दूसरे देशों को भी परमाणु हथियार हासिल करने की प्रेरणा मिल सकती है।
हालांकि, अमेरिका की ओर से जो केंट के इन बयानों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

