यमश हवाई अड्डे पर सऊदी का हमला अमेरिका के इशारे पर हुआ, इसका जवाब दिया जाएगा: अंसारुल्लाह
यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन ने सनआ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सऊदी अरब द्वारा किए गए हवाई हमले को अमेरिका के निर्देश पर की गई कार्रवाई बताया है। संगठन का कहना है कि, इस हमले का उद्देश्य यमन पर वर्षों से जारी नाकाबंदी को बनाए रखना था।
अंसारुल्लाह ने इसे यमन की जनता के खिलाफ “क्रूर आक्रमण” और देश की संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताते हुए कहा कि इसका उचित जवाब दिया जाएगा। संगठन के अनुसार, यह हमला यमन की जनता के प्रति सऊदी शासन और अमेरिका की गहरी शत्रुता तथा उनकी आक्रामक नीति को दर्शाता है।
इस बीच, यमन के परिवहन मंत्रालय ने घोषणा की कि, ईरान का एक विमान, जिसमें कुछ यात्री, मरीज तथा यमन का आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल सवार था, सभी बाधाओं के बावजूद सुरक्षित रूप से सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतर गया। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि हवाई अड्डे पर बमबारी के बावजूद सऊदी शासन विमान को उतरने से रोकने में असफल रहा और सभी यात्री सकुशल अपने देश पहुंच गए।
उधर, सनआ सरकार के मुख्य वार्ताकार और अंसारुल्लाह के प्रवक्ता मुहम्मद अब्दुस्सलाम ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि, सऊदी सरकार पिछले तीन वर्षों से यमन की नाकाबंदी समाप्त करने के लिए वार्ता के अनुरोधों को लगातार टालती रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि, सनआ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे जैसे संप्रभु संस्थान पर यह सीधा सैन्य हमला वर्ष 2015 से जारी सऊदी हमलों की ही कड़ी है। उनके अनुसार, यह घटना इस बात का प्रमाण है कि यमन पर थोपी गई नाकाबंदी का मुख्य जिम्मेदार सऊदी शासन है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब ऐसा यमन चाहता है जो स्वतंत्र निर्णय लेने, संप्रभुता और आत्मनिर्भरता से वंचित होकर उसके प्रभाव में रहे।

