लेबनान में इस्राईल के ख़िलाफ़ सख़्त नाराज़गी, शिया उच्च परिषद ने तत्काल बातचीत रोकने की मांग की
लेबनान में दक्षिणी इलाकों पर लगातार हो रहे इस्राईली हमलों को लेकर गुस्सा बढ़ता जा रहा है। लेबनान के इस्लामी शिया उच्च परिषद के उपाध्यक्ष शेख अली अल-खतीब ने इस्राईली शासन के हमलों और उसके प्रति लेबनानी सरकार की कथित नरमी की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि बेरूत को इस्राईल के साथ चल रही बातचीत को तत्काल रोक देना चाहिए।
शेख अली अल-खतीब ने कहा कि इस्राईल के सामने लेबनान की ओर से दी गई रियायतों का कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया, बल्कि इसके बावजूद दक्षिणी लेबनान पर इस्राईली हमले जारी हैं। उन्होंने लेबनानी सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि अधिकारियों को अब इस रवैये को समाप्त करना चाहिए।
उन्होंने इस्राईली हमलों को बिना किसी उचित औचित्य के की जा रही आक्रामक कार्रवाई बताया और कहा कि मौजूदा स्थिति उन प्रत्यक्ष वार्ताओं की विफलता को दर्शाती है, जिन्हें शिया उच्च परिषद ने शुरुआत से ही अस्वीकार किया था।
अल-खतीब ने कहा कि इस्राईली हमलों की केवल निंदा करना पर्याप्त नहीं है। यदि लेबनान वास्तव में अपने नागरिकों और संप्रभुता की रक्षा करना चाहता है, तो उसे अपनी नीति में बदलाव करना होगा और इस्राईल के प्रति अधिक स्पष्ट तथा दृढ़ रुख अपनाना होगा।
इस बीच, लेबनानी मीडिया के अनुसार, दक्षिणी लेबनान के दीर अल-ज़हरानी कस्बे के अल-रास इलाके में एक आवासीय मकान को इस्राईली हवाई हमले में निशाना बनाया गया। इससे पहले आज तड़के अंसार कस्बे के बाहरी इलाके में भी एक आवासीय मकान पर इस्राईली हवाई हमला किया गया।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अंसार और दीर अल-ज़हरानी पर हुए हमलों में 11 लोगों की मौत हुई है, जबकि 19 लोग घायल हुए हैं। इन घटनाओं ने लेबनान में इस्राईली सैन्य कार्रवाइयों को लेकर पहले से मौजूद आक्रोश को और बढ़ा दिया है।
शेख अली अल-खतीब ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लेबनानी सरकार को इस्राईल के साथ बातचीत तुरंत रोक देनी चाहिए। उन्होंने इसके बजाय एक व्यापक राष्ट्रीय संवाद की मांग की, जिसके माध्यम से देश के भविष्य के लिए नई राजनीतिक दिशा तय की जा सके।
उन्होंने कहा कि चुनावों के करीब आते समय इस्राईल द्वारा अपने सैन्य हमलों को बढ़ाने की आशंका पहले से जताई जा रही थी। उन्होंने अमेरिका के अंदर और बाहर मौजूद उसके सहयोगियों से भी अपील की कि वे अमेरिकी सरकार पर अधिकतम दबाव डालें, ताकि इस्राईल को लेबनान के खिलाफ आगे की सैन्य कार्रवाई से रोका जा सके।
शेख अल-खतीब ने अंत में कहा कि लेबनानी जनता का गुस्सा अब चरम पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि लेबनान के लोग लगातार हमलों, पीड़ा और उनके बढ़ते दुष्परिणामों को अब और सहन करने की स्थिति में नहीं हैं।

