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ग़ाज़ा में मारे गए राहतकर्मियों की हत्या के मामले में ऑस्ट्रेलिया ने इस्राईली राजदूत को तलब किया

ग़ाज़ा में मारे गए राहतकर्मियों की हत्या के मामले में ऑस्ट्रेलिया ने इस्राईली राजदूत को तलब किया

अंतरराष्ट्रीय मानवीय सहायता दिवस के दिन इस्राईल ने ग़ाज़ा में मारे गए राहतकर्मियों की हत्या की जांच का मामला बंद कर दिया। इस फैसले से पीड़ित परिवारों का दर्द फिर ताज़ा हो गया। ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इस्राईल के राजदूत को तलब करने की घोषणा की और इस फैसले को सभी ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों के लिए बड़ा अपमान बताया।

ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने गुरुवार को कहा कि ग़ाज़ा में जारी युद्ध के दौरान ऑस्ट्रेलियाई राहतकर्मी ज़ोमी फ्रैंकम और उनके साथियों की मौत के मामले में इस्राईली अधिकारियों द्वारा आपराधिक जांच बंद करने के फैसले से कैनबरा बेहद नाराज़ है।

फ़्रांस प्रेस एजेंसी के अनुसार, वोंग ने एक बयान में कहा, “मैं ऑस्ट्रेलिया में इस्राईल के राजदूत हिलेल न्यूमैन को तलब कर रही हूं और मैंने इस्राईल में ऑस्ट्रेलियाई राजदूत से कहा है कि वह हमारा रुख सीधे उन्हें बताए। साथ ही, ऑस्ट्रेलियाई सरकार आगे उठाए जाने वाले कदमों पर विचार कर रही है।”

उन्होंने कहा, “ऑस्ट्रेलियाई सरकार को पिछली रात, फैसले की सार्वजनिक घोषणा से कुछ ही क्षण पहले इसकी जानकारी मिली और वह भी अंतरराष्ट्रीय मानवीय सहायता दिवस के दिन। यह ज़ोमी के परिवार, सभी राहतकर्मियों और ऑस्ट्रेलिया के सभी लोगों के लिए बहुत बड़ा अपमान है।”

ऑस्ट्रेलियाई नागरिक ज़ोमी फ्रैंकम अप्रैल 2024 में अंतरराष्ट्रीय सहायता संगठन वर्ल्ड सेंट्रल किचन (World Central Kitchen) के कर्मचारियों में शामिल थीं। जब वह और उनके साथी ग़ाज़ा में लोगों को भोजन और पानी पहुंचा रहे थे, तभी इस्राईली सेना के हवाई हमले में उनके सहायता क़ाफ़िले को निशाना बनाया गया और उनकी मौत हो गई।

इस हमले में ऑस्ट्रेलियाई नागरिक के अलावा तीन ब्रिटिश नागरिक, एक अमेरिकी-कनाडाई नागरिक, एक पोलिश नागरिक और एक फ़िलिस्तीनी नागरिक भी मारे गए थे। राहतकर्मियों की हत्या के बाद पूरी दुनिया में भारी ग़ुस्सा देखने को मिला और ग़ाज़ा में मानवीय सहायता पहुंचाने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग तेज हो गई।

इस्राईल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया था कि, इस्राईली सेना ने इन राहतकर्मियों को “अनजाने में” मार दिया था। हालांकि, इस्राईली सेना ने बुधवार को घोषणा की कि इन राहतकर्मियों की मौत के मामले में कोई आपराधिक जांच नहीं की जाएगी।

इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए पेनी वोंग ने कहा, “ज़ोमी ऑस्ट्रेलिया की बेहतरीन विशेषताओं की प्रतीक थीं। उनके साहस की सराहना होनी चाहिए और उनका परिवार न्याय का हक़दार है। यह फैसला उस जवाबदेही के स्तर से बहुत नीचे है जिसकी हम उम्मीद करते हैं।”

इस्राईल ने अक्टूबर 2023 में घिरे हुए ग़ाज़ा पर अपना सैन्य अभियान शुरू किया था। इस युद्ध में अब तक लगभग 2.5 लाख लोग मारे गए या घायल हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या महिलाओं और बच्चों की है। युद्ध के कारण घरों, अस्पतालों, स्कूलों और मस्जिदों सहित ग़ज़ा के नागरिक बुनियादी ढांचे का भी बड़े पैमाने पर विनाश हुआ है।

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