वेनेज़ुएला-अमेरिका तनाव: ट्रंप बोले, हम युद्ध और शांति दोनों के लिए तैयार
वेनेज़ुएला और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की बयानबाज़ी भी तेज हो गई है। एक तरफ वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अमेरिका को कड़ी टक्कर देने की चेतावनी दी है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने बातचीत के दरवाज़े अभी भी खुले रखे हैं और अमेरिका युद्ध और शांति, दोनों के लिए तैयार है। एक टीवी कार्यक्रम में मादुरो ने कहा कि उनके देश की जनता अमेरिकी आक्रामकता का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने अपने समर्थकों का आभार भी व्यक्त किया।
उधर अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है, जिसमें एफ-35 लड़ाकू विमान और विमानवाहक पोत शामिल हैं। इसके बावजूद ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने सैन्य तैनाती के बावजूद बातचीत के दरवाज़े बंद नहीं किए हैं। जब उनसे पूछा गया कि, क्या वह मदुरो से बातचीत करेंगे, तो उन्होंने कहा, “हमें जानें बचानी हैं। अगर हम इसे आसान तरीके से हल कर सकते हैं तो बेहतर है, और अगर मुश्किल रास्ता चुनना पड़े तो वह भी ठीक है।”
ट्रंप ने मादुरो पर आरोप लगाया कि वे हर साल हज़ारों अपराधियों और ड्रग तस्करों को अमेरिका में प्रवेश कराते हैं। उन्होंने वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति को नशीली दवाओं के तस्करों का सरगना भी बताया। इसके अलावा अमेरिका ने वेनेज़ुएला के समुद्री क्षेत्र में कई जहाज़ों पर ड्रग स्मगलिंग का आरोप लगाते हुए हमला भी किया है।
इसी दौरान वेनेज़ुएला में अमेरिकी आक्रामकता के खिलाफ हज़ारों लोगों ने प्रदर्शन किया और मादुरो के समर्थन का एलान किया। कराकस में बड़ी संख्या में लोग झंडों और नकली तलवारों के साथ सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य तैनाती के विरोध में नारे लगा रहे थे। इस मार्च में आम लोगों के साथ सेना, पुलिस कर्मियों और स्वयंसेवकों ने भी हिस्सा लिया। बाद में मदुरो ने 45 लाख स्वयंसेवकों को सक्रिय कर दिया और किसी भी संभावित अमेरिकी हमले को नाकाम करने का दावा किया।
इसी बीच संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने बयान जारी करते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र दोनों देशों की स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है। स्टेफ़न दुजारिक ने दोनों देशों से अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करने की अपील की। वहीं संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने तनाव कम करने और बातचीत के लिए अनुकूल माहौल बनाने की जरूरत पर जोर दिया।

