अमेरिका ने ईरान के पर अधिकतम दबाव नीति जारी रखने का संकेत दिया
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी अधिकतम दबाव नीति जारी रखने का संकेत दिया है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बासनेट ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के मामले में सभी विकल्प खुले रखेंगे। उनका मानना है कि जून महीने में हुए हमलों के बाद तेहरान के साथ बेहतर समझौता संभव हो सकता है।
बासनेट ने बताया कि अमेरिका कूटनीतिक प्रयासों के साथ-साथ अपने सैन्य संसाधनों को ईरान की ओर स्थानांतरित कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समझौते तक पहुंचने का निर्णय तहरान पर निर्भर करता है।
पिछले कुछ महीनों में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा है और दोनों पक्षों के बीच बातचीत की संभावना या दबाव बढ़ाने की अटकलें जारी हैं। अमेरिकी सरकार पहले भी कह चुकी है कि आर्थिक दबाव का उद्देश्य ईरान को व्यापक परमाणु और क्षेत्रीय समझौते को स्वीकार करने पर मजबूर करना है।
लेकिन ईरान ने इसे अस्वीकार किया है और मांग की है कि प्रतिबंध हटाए जाएं और अमेरिका अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं की ओर लौटे। बासनेट ने कहा कि अमेरिकी प्रशासन ईरानी अधिकारियों के वित्तीय लेन-देन पर सख्ती से नजर रख रहा है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका अधिकतम दबाव अभियान जारी रखेगा और तहरान की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देता रहेगा। उनका कहना था कि अमेरिका की नीति कूटनीति और सैन्य तैयारी का संयोजन है, और अंतिम निर्णय ईरान के हाथ में है।
इस तरह, दोनों देशों के बीच मौजूदा तनाव और रणनीतिक खेल जारी है, जिसमें अमेरिका ईरान पर दबाव बनाए रखना चाहता है, जबकि तहरान प्रतिबंध हटाने और अमेरिका की प्रतिबद्धताओं की पूर्ति की मांग कर रहा है।

