तुर्की ग़ाज़ा में अपनी सेना तैनात करने के लिए तैयार
तुर्की के विदेश मंत्री हक़ान फ़िदान ने कहा है कि, अगर हालात अनुकूल हुए तो तुर्की ग़ाज़ा में अपनी सेना भेजने के लिए तैयार है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि अंकारा सीधे तौर पर हस्तक्षेप करने के लिए प्रतिबद्ध है, भले ही इज़रायल इसका विरोध कर रहा हो। साथ ही उन्होंने युद्ध के बाद शासन, मानवीय सहायता और व्यापक क्षेत्रीय कूटनीति की योजनाओं का भी उल्लेख किया।
शुक्रवार शाम तुर्की के घरेलू टीवी चैनल NTV से बातचीत में फ़िदान ने कहा कि इज़रायल ग़ाज़ा में तुर्की की भागीदारी का विरोध कर रहा है, लेकिन उन्होंने दृढ़ता से कहा कि अंकारा की कोशिशें जारी रहेंगी। “अगर हालात अनुकूल बने, तो हमारे पास सैन्य सहयोग प्रदान करने की इच्छा है।”
फ़िदान ने ग़ाज़ा को तुर्की की सबसे प्राथमिकता वाली जगह बताया और कहा कि क्षेत्र में शासन और प्रशासन की निगरानी के लिए एक नए ‘बोर्ड ऑफ़ पीस’ ढांचे की तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न समितियां ग़ाज़ा की राष्ट्रीय इच्छाओं का प्रतिनिधित्व करेंगी और रोज़मर्रा के प्रशासनिक कार्य संभालेंगी।
उन्होंने कहा कि मानवीय सहायता का काम बिना रुके जारी है और रफ़ाह बॉर्डर क्रॉसिंग अगले सप्ताह की शुरुआत में फिर से खुल सकती है। बेघर फ़िलिस्तीनियों को अपने तंबुओं में कड़ी सर्दी का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए तुर्की कंटेनर हाउसिंग पहुंचाने की कोशिश कर रहा है, जबकि तुर्किश रेड क्रिसेंट अपनी राहत गतिविधियाँ जारी रखे हुए है।
फ़िदान ने हमास के हथियार डालने के सवाल के जवाब में कहा कि, यह किसी भी व्यापक रोडमैप का हिस्सा होना चाहिए और ज़ोर दिया कि अंकारा की पहली प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि ग़ाज़ा की आबादी अपनी ज़मीन पर बनी रहे।
फ़िदान ने कहा कि ऐसे संकेत हैं कि इज़रायल अभी भी ईरान पर हमला करने का मौका तलाश रहा है और चेतावनी दी कि ऐसा कदम क्षेत्र में और अस्थिरता पैदा कर सकता है। उन्होंने आगे कहा, “मैं उम्मीद करता हूँ कि वे अलग रास्ता अपनाएँगे, लेकिन हकीकत यह है कि विशेष रूप से इज़रायल ईरान पर हमला करने का अवसर खोज रहा है।”

