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2017 के बाद से यूपी में कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ: मुख्यमंत्री योगी

2017 के बाद से यूपी में कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ: मुख्यमंत्री योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को उत्तर प्रदेश विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा में भाग लेते हुए तीखा वक्तव्य दिया। उन्होंने वंदे मातरम् के विरोध को देशद्रोह करार देते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी। इस अवसर पर उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की कठोर आलोचना की।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रविरोधी तत्वों के समर्थन में वक्तव्य देना या राष्ट्रीय प्रतीकों के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणी करना देशद्रोह से कम नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं और यह भारत की आन, बान और शान का प्रतीक है, इसलिए राष्ट्रीय गीत, तिरंगा, राष्ट्रगान और राष्ट्रीय नायकों का सम्मान प्रत्येक भारतीय का दायित्व है।

मुख्यमंत्री योगी ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान विपक्ष की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि आक्रमणकारियों का महिमामंडन तथा तिरंगा, राष्ट्रगान, राष्ट्रीय गीत और महान व्यक्तित्वों का अपमान वास्तव में संविधान का उल्लंघन है और ऐसे आचरण को सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश अपनी गौरवशाली विरासत पर गर्व करते हैं और विरासत से जुड़ा विकास ही उज्ज्वल भविष्य की नींव रखता है।

उन्होंने कहा कि जिन्होंने भारत की आत्मा पर आघात किया और उसकी आस्था को कुचला, यदि कोई राजनीतिक स्वार्थ के लिए ऐसे आक्रमणकारियों का गुणगान करता है तो नया भारत और नया उत्तर प्रदेश उसे स्वीकार नहीं करेगा। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के प्रति विपक्ष के कथित अनुचित व्यवहार पर आपत्ति जताते हुए कहा कि राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है और उस पद का सम्मान हर स्थिति में अनिवार्य है। उनके अनुसार ऐसे आचरण से न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों को क्षति पहुंचती है बल्कि संवैधानिक संस्थाओं का भी अपमान होता है।

उत्तर प्रदेश ‘भय क्षेत्र’ से ‘विश्वास क्षेत्र’ में परिवर्तित हो चुका है
सीएम योगी ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उनकी सरकार की स्पष्ट नीति, स्वच्छ नीयत और दृढ़ नेतृत्व ने प्रशासन की दिशा बदल दी है। प्रदेश ‘भय क्षेत्र’ से ‘विश्वास क्षेत्र’ में परिवर्तित हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि 2017 के बाद से प्रदेश में कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ और अब स्थिति यह है कि ‘न कर्फ्यू है, न दंगा है, बल्कि उत्तर प्रदेश में सब अच्छा है।’

महिलाओं को सुरक्षा और व्यापारियों को निर्भय वातावरण प्रदान किया गया
उन्होंने पुलिस और विधि-व्यवस्था की स्थिति पर भी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने दावा किया कि महिलाओं को सुरक्षा और व्यापारियों को निर्भय वातावरण प्रदान किया गया है। इस अवधि में 2 लाख 19 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई, जिनमें 20 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं के लिए सुनिश्चित किया गया। उन्होंने कहा कि, डबल इंजन सरकार की नीतियों के कारण उत्तर प्रदेश आज निवेश, नवाचार और पारदर्शिता का आदर्श बन चुका है।

धार्मिक आयोजनों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं की सहभागिता तथा माघ मेले में अभूतपूर्व उपस्थिति जनता के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। महाशिवरात्रि के अवसर पर भी लाखों लोगों ने त्रिवेणी संगम में स्नान किया, जो बेहतर प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर जनविश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान अब दीपोत्सव, देव दीपावली और रंगोत्सव जैसे सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों से जुड़ गई है, जिन्होंने प्रदेश को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दी है।

मुख्यमंत्री के अनुसार ‘भारत में भारत की आस्था को कोई बंधन में नहीं रख सकता’ और आज प्रदेश विधि-राज तथा आत्मविश्वास का नया उदाहरण बन चुका है।उल्लेखनीय है कि योगी आदित्यनाथ पर प्रारंभ से ही केवल एक राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक हिंदुत्ववादी नेता के रूप में कार्य करने का आरोप लगता रहा है।

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