ट्रंप सरकार के कट्टरपंथी धड़े ईरान पर सैन्य हमला करने के लिए दबाव बना रहे सीएनएन
CNN की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन के भीतर ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई को लेकर गंभीर चर्चा चल रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि Donald Trump अब पहले की तुलना में अधिक आक्रामक रुख अपनाते दिखाई दे रहे हैं और हुर्मुज़ जलडमरू मध्य की लगातार बंद स्थिति को लेकर उनका धैर्य समाप्त होता जा रहा है।
रिपोर्ट में बताया गया कि ट्रंप प्रशासन के कई कट्टरपंथी और युद्ध समर्थक अधिकारी ईरान पर दबाव बढ़ाने तथा सैन्य अभियान फिर से शुरू करने की मांग कर रहे हैं। व्हाइट हाउस और पेंटागन के बीच लगातार बैठकें हो रही हैं, जिनमें फारस की खाड़ी और Strait of Hormuz में अमेरिकी रणनीति पर विचार किया जा रहा है।
सीएनएन के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों को यह एहसास हो चुका है कि हुर्मुज़ का बंद रहना केवल सैन्य नहीं बल्कि आर्थिक संकट भी पैदा कर रहा है। दुनिया के बड़े हिस्से का तेल व्यापार इसी समुद्री मार्ग से गुजरता है, और इसके बाधित होने से तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। अमेरिकी प्रशासन के भीतर यह चिंता भी बढ़ रही है कि लंबे समय तक यह स्थिति बनी रही तो इसका असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था और आगामी चुनावों पर पड़ सकता है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिकी खुफिया और रक्षा अधिकारियों ने शुरू में ईरान की उस क्षमता को कम करके आंका था, जिसके तहत वह हुर्मुज़ को लंबे समय तक बंद रख सकता है। बाद में अमेरिकी एजेंसियों की आंतरिक रिपोर्टों में माना गया कि ईरान कई सप्ताह या महीनों तक इस समुद्री मार्ग को बाधित रखने की क्षमता रखता है।
सीएनएन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि ट्रंप अब “प्रोजेक्ट फ्रीडम” नामक समुद्री अभियान को फिर से शुरू करने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य अमेरिकी नौसेना की मदद से हुर्मुज़ में जहाज़ों की आवाजाही सुनिश्चित करना है। हालांकि प्रशासन के भीतर इस बात पर मतभेद हैं कि इससे क्षेत्रीय युद्ध और अधिक फैल सकता है।

