इराक़ की सैयदुश-शोहदा ब्रिगेड का बयान: सऊदी अरब के ख़िलाफ़ जवाबी कार्रवाई रद्द नहीं हुई है
इराक़ की सैयदुश-शोहदा ब्रिगेड ने स्पष्ट किया है कि, अमेरिका और सऊदी अरब द्वारा अल-हश्द अल-शाबी के ठिकानों पर किए गए हमलों के जवाब में प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को रद्द नहीं किया गया है। प्रतिरोध की ओर से केवल जवाबी कार्रवाई को फिलहाल अस्थायी रूप से स्थगित किया गया है। ब्रिगेड के प्रवक्ता काज़िम अल-फ़र्तूसी ने कहा कि, जवाब देने का मूल निर्णय अब भी क़ायम है और फिलहाल केवल कार्रवाई के समय को लेकर अस्थायी रोक है।
अल-फ़र्तूसी ने यह भी स्पष्ट किया कि, पिछले शुक्रवार को इराक़ के इरबिल शहर में हुए ड्रोन हमले में इराक़ी प्रतिरोध समूहों की कोई भूमिका नहीं थी। कुर्दिश नेटवर्क रुदाव से बातचीत में उन्होंने बताया कि मौजूदा परिस्थितियों में एक तरह की अनौपचारिक सहमति बनी हुई है कि फिलहाल कोई सैन्य अभियान या हमला नहीं किया जाएगा।
उन्होंने अमेरिका और सऊदी अरब के हालिया संयुक्त हमलों का उल्लेख करते हुए कहा कि, इन हमलों के जवाब का मामला पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। उनके अनुसार, जवाबी कार्रवाई को केवल कुछ समय के लिए टाला गया है। इस बयान से संकेत मिलता है कि प्रतिरोधी गुटों ने राजनीतिक परिस्थितियों और इराक़ी नेतृत्व की अपील को देखते हुए तत्काल सैन्य कार्रवाई से फ़िलहाल दूरी बनाई है, लेकिन जवाब देने के विकल्प को समाप्त नहीं किया है।
इससे पहले अमेरिका और सऊदी अरब के हमलों में अल-हश्द अल-शाबी के कई ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबर सामने आई थी। इराक़ी सूत्रों के अनुसार, इन हमलों में 20 लोग शहीद और 32 अन्य घायल हुए। अल-हश्द अल-शाबी ने इन हमलों को इराक़ की संप्रभुता पर हमला बताया था।
इन हमलों के बाद इस्लामिक रेजिस्टेंस ऑफ इराक़ ने अमेरिका और सऊदी अरब के ख़िलाफ़ जवाबी कार्रवाई की घोषणा की थी। प्रतिरोध की ओर से यह संदेश दिया गया था कि इराक़ी धरती और उसके सुरक्षा बलों पर हमले को बिना जवाब के नहीं छोड़ा जाएगा।
हालांकि, इराक़ के कुछ प्रमुख राजनीतिक नेताओं ने प्रतिरोध से तत्काल जवाबी कार्रवाई न करने की अपील की। बद्र संगठन के महासचिव हादी अल-आमेरी ने विशेष रूप से प्रतिरोधी गुटों से कहा कि इराक़ के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए जवाबी कार्रवाई को कुछ समय के लिए टाल दिया जाए और हमले से हुए नुक़सान के लिए कूटनीतिक माध्यमों से अधिकार और मुआवज़ा हासिल करने का प्रयास किया जाए।
इराक़ी प्रतिरोध ने इस अपील को स्वीकार करते हुए अपनी प्रस्तावित कार्रवाई को स्थगित करने का फैसला किया। हालांकि, प्रतिरोध की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि शहीदों का खून राजनीतिक सौदेबाज़ी का विषय नहीं बन सकता और जवाब देने का मूल अधिकार समाप्त नहीं हुआ है।
सैयदुश-शोहदा ब्रिगेड के नेतृत्व की ओर से यह भी कहा गया है कि, जवाबी कार्रवाई के समय, स्वरूप और पैमाने पर विचार जारी है। यानी फिलहाल स्थगन को अंतिम निर्णय नहीं माना जा रहा है। प्रतिरोध का कहना है कि राजनीतिक नेतृत्व को इस अतिरिक्त समय का इस्तेमाल इराक़ की संप्रभुता की रक्षा और हमले के पीड़ितों के अधिकारों के लिए ठोस कदम उठाने में करना चाहिए।
इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि इराक़ी प्रतिरोध ने तत्काल सैन्य प्रतिक्रिया को टालकर राजनीतिक और कूटनीतिक प्रयासों के लिए कुछ समय दिया है, लेकिन अमेरिका और सऊदी अरब के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के विकल्प को समाप्त नहीं किया है। प्रतिरोध के बयान के अनुसार, जवाब रद्द नहीं हुआ है—सिर्फ उसकी तारीख और तरीके पर फिलहाल रोक लगाई गई है।

