Site icon ISCPress

74% अमेरिकी युवाओं का रुख: ईरान के साथ सैन्य टकराव की नीति को खत्म किया जाना चाहिए

74% अमेरिकी युवाओं का रुख: ईरान के साथ सैन्य टकराव की नीति को खत्म किया जाना चाहिए

एनबीसी न्यूज़ के सर्वे के मुताबिक, अमेरिका के युवाओं में ईरान के साथ संभावित युद्ध को लेकर थकान और विरोध का माहौल बढ़ रहा है। करीब 74% युवाओं का मानना है कि अब युद्ध या सैन्य टकराव की नीति को खत्म किया जाना चाहिए और कूटनीति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

इसी के साथ सर्वे में यह भी सामने आया कि Donald Trump की लोकप्रियता में गिरावट आई है। इसके पीछे सिर्फ विदेश नीति ही नहीं, बल्कि घरेलू मुद्दे भी बड़ी वजह हैं—जैसे महंगाई, बेरोज़गारी का दबाव और जीवनयापन की बढ़ती लागत।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब आम जनता आर्थिक दबाव में होती है, तो वह युद्ध जैसे महंगे और जोखिम भरे कदमों के खिलाफ ज्यादा आवाज़ उठाती है। युवाओं में खास तौर पर यह भावना मजबूत है कि अमेरिका को नए संघर्षों में उलझने के बजाय अपनी आंतरिक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।

कुल मिलाकर, यह सर्वे इस बात का संकेत देता है कि अमेरिका के अंदर ही युद्ध नीति को लेकर मतभेद बढ़ रहे हैं, जो आने वाले समय में सरकार की विदेश नीति को प्रभावित कर सकते हैं।

न्यूयॉर्क टाइम्स का दावा: ईरानी जहाज़ की अमेरिकी जांच

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने दावा किया है कि जिस जहाज़ को रोका गया, वह ईरान के झंडे के तहत चल रहा था और उसे संदिग्ध गतिविधियों के कारण रोका गया। बताया जा रहा है कि अमेरिकी मरीन की विशेष टीम ने जहाज़ पर चढ़कर उसकी पूरी तलाशी ली, जिसमें कंटेनरों, दस्तावेज़ों और तकनीकी उपकरणों की भी जांच शामिल थी।

अधिकारी का कहना है कि जांच के दौरान जहाज़ के अंदर मौजूद सभी सामान को अपने नियंत्रण में ले लिया गया, ताकि उसकी प्रकृति और उद्देश्य की गहराई से जांच की जा सके। हालांकि यह साफ नहीं किया गया कि उस जहाज़ में क्या सामान था—क्या वह व्यापारिक माल था या किसी सैन्य/रणनीतिक उपयोग का।

रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि इस तरह की कार्रवाई अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का हिस्सा हो सकती है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आगे अमेरिका इस जहाज़ के साथ क्या करेगा—क्या उसे जब्त रखा जाएगा, किसी तीसरे देश को सौंपा जाएगा, या जांच के बाद छोड़ दिया जाएगा।

Exit mobile version