सऊदी अरब हर मामले में इस्राईल जैसा है, झूठ में भी, आक्रामकता में भी
यमन की राजधानी सना की सरकार के मुख्य वार्ताकार और अंसारुल्लाह आंदोलन के प्रवक्ता मोहम्मद अब्दुस्सलाम ने कहा कि सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुआ हवाई हमला इस बात का प्रमाण है कि सऊदी अरब अब भी इस हवाई अड्डे को दोबारा खोले जाने से रोकने की नीति पर कायम है। उन्होंने आरोप लगाया कि रियाद चाहता है कि सना हवाई अड्डा केवल सऊदी बादशाह की अनुमति से ही संचालित हो।
अब्दुस्सलाम ने कहा कि, एक ओर सऊदी अरब सना हवाई अड्डे को बंद रखने पर ज़ोर देता है, जबकि दूसरी ओर वह बयान जारी कर “यमन की संप्रभुता की रक्षा” का दावा करता है।
अंसारुल्लाह के प्रवक्ता ने कहा, “सऊदी अरब हर मामले में इस्राईल जैसा है—चाहे वह झूठ बोलना हो, अहंकार, दुश्मनी या आक्रामकता।”
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सऊदी अरब अपनी हठधर्मिता जारी रखता है और वास्तविकताओं को स्वीकार नहीं करता, तो इसके उसके सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर गंभीर परिणाम होंगे।
अब्दुस्सलाम ने यह भी कहा कि समुद्री नाकाबंदी लागू करना “नाकाबंदी के जवाब में नाकाबंदी” की लड़ाई का पहला कदम है। उन्होंने कहा, “यमन की जनता अपने अधिकारों से पीछे नहीं हटेगी और उन्हें हर संभव तरीके से वापस हासिल करेगी।”
कुछ ही घंटों में महत्वपूर्ण बयान जारी किया जाएगा: यमनी सशस्त्र बल
यमन के सशस्त्र बलों ने घोषणा की है कि स्थानीय समयानुसार दोपहर 3:00 बजे (भारतीय समयानुसार 4:30 बजे) एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया जाएगा, जिसमें एक “महत्वपूर्ण और व्यापक सैन्य अभियान” के बारे में जानकारी दी जाएगी।
यमन का दावा: वायु रक्षा प्रणाली ने सऊदी लड़ाकू विमानों को खदेड़ा
यमन के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि देश की वायु रक्षा प्रणाली ने सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों पर फायरिंग की, जिसके बाद वे पीछे हटने पर मजबूर हो गए और यमन के हवाई क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर सके।

