दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी और यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ की अहम मुलाक़ात
देश की राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच अहम मुलाकात हुई। पीएम मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच हुई मुलाकात करीब आधे घंटे तक चली। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यूपी में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा करना था। बैठक में तय किया गया कि नए मंत्रियों के चयन में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन का खास ध्यान रखा जाएगा, ताकि राज्य के सभी वर्गों और इलाकों का उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके।
इस दौरान SIR को लेकर भी चर्चा हुई, जिसमें कई ऐसे नाम कटने की बात सामने आई जो बीजेपी के परंपरागत मजबूत क्षेत्रों से जुड़े थे। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय नेतृत्व की चेतावनियों के बावजूद जमीनी स्तर पर SIR को लेकर उतनी गंभीरता नहीं दिखाई गई जितनी अपेक्षित थी, इसलिए इस मुद्दे पर बैठक में विशेष मंथन किया गया।
आज शाम 3:30 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ केंद्रीय भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात करेंगे। वर्तमान में योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल में 54 मंत्री हैं, जिनमें से 6 पद पहले ही खाली थे। 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद जितेंद्र प्रसाद और अनूप प्रधान को केंद्र में मंत्री बनाया गया, जिससे कई पद फिर खाली हो गए। माना जा रहा है कि प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को नए मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। साथ ही कुछ मौजूदा मंत्रियों को संगठन में भेजने और संगठन के प्रमुख चेहरों को सरकार में शामिल करने की संभावना है।
मंत्रिमंडल विस्तार में कुछ मंत्रियों का कद बढ़ सकता है और उन्हें स्वतंत्र प्रभार दिया जा सकता है। बोर्ड और निगमों में भी नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है। खासकर पश्चिमी यूपी का प्रतिनिधित्व बढ़ाने पर विचार हो रहा है, क्योंकि मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष दोनों पूरब से हैं। हाल ही में ब्राह्मण विधायकों की बैठक का असर भी मंत्रिमंडल में देखा जा सकता है। 2027 विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए पश्चिमी यूपी के कई नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। पार्टी का उद्देश्य अगले चुनाव से पहले एक मजबूत और संतुलित टीम तैयार करना है।

