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शांति वार्ता संभवतः ईरान पर हमले का बहाना हो सकती है: रूस

शांति वार्ता संभवतः ईरान पर हमले का बहाना हो सकती है: रूस

रूस की सुरक्षा परिषद ने एक अहम चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि मौजूदा हालात में चल रही शांति वार्ताएँ केवल कूटनीतिक प्रयास नहीं भी हो सकतीं, बल्कि इनके पीछे कोई रणनीतिक उद्देश्य छिपा हो सकता है। परिषद के अनुसार, इस बात की आशंका है कि अमेरिका और इज़राइल इन वार्ताओं का उपयोग एक “कवर” के रूप में कर रहे हैं, ताकि वे ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई—खासकर ज़मीनी हमले—की तैयारी कर सकें।

रूसी अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में हाल के दिनों में सैन्य गतिविधियों में बढ़ोतरी इस आशंका को और मजबूत करती है। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) लगातार मध्य पूर्व में अपने सैनिकों, युद्धपोतों और सैन्य संसाधनों की संख्या बढ़ा रहा है। यह तैनाती केवल सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि किसी बड़े ऑपरेशन की तैयारी का हिस्सा भी हो सकती है।

रिपोर्ट के मुताबिक, रूस इस स्थिति को बेहद संवेदनशील मानता है और उसका मानना है कि अगर इस तरह की कोई सैन्य कार्रवाई होती है, तो इससे पूरे क्षेत्र में व्यापक अस्थिरता फैल सकती है। खासतौर पर खाड़ी क्षेत्र और आसपास के देशों में इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है, जिससे तेल आपूर्ति, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक सुरक्षा पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

रूस ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह इस मुद्दे पर सतर्क रहे और किसी भी प्रकार के टकराव से बचने के लिए कूटनीतिक रास्तों को प्राथमिकता दे। रूस का मानना है कि बातचीत और आपसी समझ ही इस तनाव को कम करने का एकमात्र प्रभावी तरीका है, न कि सैन्य ताकत का इस्तेमाल।

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