ट्रंप के आदेश पर ईरान के कई ठिकानों पर नए हमले किए: सेंटकॉम
अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम), जिसे ईरान आतंकवादी संगठन मानता है, ने एक बयान जारी कर कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर ईरान के कई ठिकानों पर नए हमले किए गए हैं।
ईरान की धरती पर हमलों को लेकर सेंटकॉम का बयान
सेंटकॉम ने कहा:
अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने आज, 27 जून को, राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर ईरान के कई लक्ष्यों पर अतिरिक्त सैन्य हमले किए।
कल अमेरिका द्वारा किए गए हमले, ईरान की ओर से एम/वी एवर लवली (M/V Ever Lovely) नामक जहाज़ पर हुए हमले के जवाब में थे। इसके बाद ईरान को युद्ध-विराम समझौते का पालन करने का अवसर दिया गया, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। इसके बजाय आज सुबह 4:30 बजे (पूर्वी समयानुसार) ईरान ने एम/टी कीको (M/T Kiko) नामक तेल टैंकर पर एक आत्मघाती ड्रोन से हमला किया।
पनामा के झंडे वाला यह तेल टैंकर दो मिलियन (20 लाख) से अधिक बैरल कच्चा तेल लेकर हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के निकट से गुजर रहा था।सेंटकॉम ने कहा कि आज के हमले वाणिज्यिक जहाज़रानी के विरुद्ध ईरान की लगातार आक्रामक कार्रवाइयों के सीधे जवाब में किए गए।
अमेरिकी सैन्य विमानों ने ईरान के सैन्य निगरानी ढाँचे, संचार प्रणालियों, वायु रक्षा ठिकानों, ड्रोन भंडारों और समुद्री बारूदी सुरंग (माइन) बिछाने की क्षमताओं को निशाना बनाया।
सेंटकॉम के अनुसार, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से वाणिज्यिक जहाज़ों की आवाजाही जारी है और अमेरिकी बल पूरी तरह सतर्क, युद्ध के लिए तैयार और कार्रवाई करने में सक्षम हैं।
आलोचकों के अनुसार, अमेरिका का युद्ध-विराम का दावा केवल एक राजनीतिक दिखावा प्रतीत होता है। उनका आरोप है कि व्यवहार में वह इज़रायल को सैन्य और राजनीतिक समर्थन देकर उसके अभियानों का सहभागी बना हुआ है, जिससे क्षेत्र में तनाव और हिंसा कम होने के बजाय बढ़ रही है।
अमेरिका एक ओर युद्धविराम और क्षेत्रीय शांति की बात करता है, जबकि दूसरी ओर लगातार सैन्य कार्रवाई करके स्वयं अपने दावों पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि ऐसी कार्रवाइयाँ पश्चिम एशिया में अस्थिरता को और गहरा कर सकती हैं तथा व्यापक संघर्ष की आशंकाओं को बढ़ा सकती हैं।

