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अमेरिकी रिफाइनरी में विस्फोट और भीषण आग, ऊर्जा संकट के बीच बढ़ी चिंता

अमेरिकी रिफाइनरी में विस्फोट और भीषण आग, ऊर्जा संकट के बीच बढ़ी चिंता

ऐसे समय में जब संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान के साथ युद्ध के प्रभावों के कारण पैदा हुए अभूतपूर्व ऊर्जा संकट और ईंधन की कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी से जूझ रहा है, वहां की मीडिया ने लुइज़ियाना राज्य में स्थित शाल्मेट रिफाइनरी में एक बड़े विस्फोट और भीषण आग लगने की खबर दी है।

विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि कई किलोमीटर दूर स्थित घरों तक कंपन महसूस किया गया, जबकि आसपास के रेस्तरां में मौजूद लोग घबराकर वहां से भागने लगे।

विस्फोट के बाद सामने आए वीडियो में आसमान की ओर उठती विशाल लपटें और काले घने धुएं का गुबार साफ़ देखा जा सकता है।

शाल्मेट रिफाइनरी, ऊर्जा कंपनी पीबीएफ की छह रिफाइनरियों में से एक है, जिसे वर्ष 2015 में खरीदा गया था।

यह रिफाइनरी प्रतिदिन 1 लाख 85 हजार बैरल कच्चे तेल का प्रसंस्करण करती है और जल्द ही इसमें प्रतिदिन 20 हजार बैरल नवीकरणीय डीजल ईंधन के उत्पादन की शुरुआत होने वाली थी।

ईरान के साथ युद्ध का क्षेत्रीय रिफाइनरी क्षमता पर असर

तेल विश्लेषण संस्था केपलर की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के खिलाफ युद्ध के कारण अप्रैल महीने में क्षेत्रीय रिफाइनरियों का उत्पादन घटकर लगभग 60 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 30 लाख बैरल प्रतिदिन कम है। अनुमान है कि यह उत्पादन कई महीनों तक युद्ध-पूर्व स्तर से नीचे ही बना रहेगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, सामान्य स्थिति में लौटने और उत्पादन बहाल करने में सबसे अधिक समय क़तर को लग सकता है, जहां पूरी बहाली में 12 महीने से अधिक का समय अनुमानित है।

बहरीन और कुवैत में भारी नुकसान के कारण स्थिति बेहद गंभीर बताई गई है।

रिपोर्ट में सऊदी अरब की रिफाइनरियों की मरम्मत और बहाली के लिए 4 से 6 महीने का समय अनुमानित किया गया है, जबकि ओमान की स्थिति सबसे बेहतर बताई गई है, क्योंकि वहां अपेक्षाकृत कम नुकसान हुआ है।

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