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सऊदी समर्थित लड़ाकों के भागने के बाद हेस शहर में अंसारुल्लाह बलों का प्रवेश

सऊदी समर्थित लड़ाकों के भागने के बाद हेस शहर में अंसारुल्लाह बलों का प्रवेश

यमन में जारी सैन्य घटनाक्रम के बीच अंसारुल्लाह आंदोलन की सेनाओं ने अपनी बढ़त जारी रखी है। रिपोर्टों के अनुसार, अंसारुल्लाह के बलों की लगातार प्रगति के बाद सऊदी समर्थित लड़ाकों ने हैस और अल-ख़ौख़ा के दो महत्वपूर्ण मोर्चों से पीछे हटना शुरू कर दिया है। ये दोनों क्षेत्र रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाब-अल-मंदब जलडमरूमध्य के आसपास स्थित हैं।

रिपोर्टों में कहा गया है कि सऊदी समर्थित लड़ाकों के पीछे हटने के बाद अंसारुल्लाह के बल हेस शहर में प्रवेश करने में सफल रहे हैं। स्थानीय मोर्चों पर अंसारुल्लाह की लगातार प्रगति के कारण सऊदी समर्थित बलों पर दबाव बढ़ता जा रहा है और उन्हें कई स्थानों से पीछे हटना पड़ रहा है।

इस घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि अंसारुल्लाह की सेनाएँ अब अल-मोखा बंदरगाह की ओर तेजी से बढ़ रही हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, अंसारुल्लाह के बल इस रणनीतिक बंदरगाह से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी तक पहुंच चुके हैं।

अल-मोखा बंदरगाह लाल सागर के तट पर स्थित है और बाब-अल-मंदब के निकट होने के कारण इसका सैन्य एवं रणनीतिक महत्व काफी अधिक है। ऐसे में अंसारुल्लाह की मौजूदा बढ़त से इस क्षेत्र में सैन्य समीकरण बदलने की संभावना जताई जा रही है।

विश्लेषकों के अनुसार, यदि अंसारुल्लाह की सेनाएँ इसी तरह आगे बढ़ती रहीं और अल-मोखा के आसपास अपनी स्थिति मजबूत करने में सफल हुईं, तो बाब-अल-मंदब के आसपास के मोर्चों पर सऊदी समर्थित बलों के लिए चुनौती और बढ़ सकती है। हालांकि, क्षेत्र में सैन्य स्थिति तेजी से बदल रही है और आने वाले दिनों में घटनाक्रम का रुख स्पष्ट होगा।

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