ईरान पर हमला सिर्फ ग़लती नहीं, बल्कि एक अपराध है: द गार्जियन
ब्रिटेन के प्रतिष्ठित अख़बार The Guardian ने अपने संपादकीय में कहा है कि ईरान के खिलाफ अमेरिका और इज़रायल की सैन्य कार्रवाई को केवल रणनीतिक भूल नहीं कहा जा सकता, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवता के खिलाफ गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
अख़बार के अनुसार, इन हमलों के कारण बड़ी संख्या में आम नागरिक मारे गए हैं। रिपोर्टों में यह भी सामने आया कि दक्षिणी ईरान के एक स्कूल पर मिसाइल हमले में सैकड़ों लोग, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे शामिल थे, मारे गए। इस तरह की घटनाओं ने दुनिया भर में चिंता और आक्रोश पैदा किया है तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।
संपादकीय में यह भी कहा गया कि पश्चिमी देशों द्वारा अंतरराष्ट्रीय कानून के मामलों में दोहरे मानक अपनाए जा रहे हैं। जब अन्य देशों द्वारा हमला होता है तो उसे तुरंत अवैध और आक्रामक बताया जाता है, लेकिन ईरान के खिलाफ हमलों पर कई पश्चिमी सरकारें अपेक्षाकृत चुप्पी साधे हुए हैं। इससे वैश्विक न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ईरान पर लगातार हमलों के बावजूद देश ने अपनी सैन्य और रणनीतिक क्षमता का प्रदर्शन किया है और उसने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए हर स्तर पर जवाब देने में सक्षम है। कई विश्लेषकों का मानना है कि इस संघर्ष ने पूरे मध्य-पूर्व में तनाव को और बढ़ा दिया है और अगर स्थिति नहीं संभली तो यह एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकती है।
अख़बार ने अंत में चेतावनी दी कि अगर शक्तिशाली देश अंतरराष्ट्रीय कानून की अनदेखी करते रहेंगे, तो इससे वैश्विक व्यवस्था कमजोर होगी और भविष्य में ऐसे संघर्षों को रोकना और भी कठिन हो जाएगा।

