अमेरिकी पोत अब्राहम लिंकन पर 8 अमेरिकी सैनिकों ने आत्महत्या का प्रयास किया: CNN
अमेरिकी समाचार नेटवर्क CNN ने रिपोर्ट किया है कि, पश्चिम एशिया में लंबे समय तक चले मिशन के दौरान विमानवाहक पोत «अब्राहम लिंकन» के कैरियर स्ट्राइक ग्रुप में तैनात 8 अमेरिकी सैन्यकर्मियों ने आत्महत्या का प्रयास किया। यह मिशन उस अवधि के साथ भी मेल खाता है, जब अमेरिका ने ईरान के ख़िलाफ़ सैन्य हमला किया था।
अमेरिकी नौसेना के कार्यवाहक सचिव हंग काओ (Hong Cao) के एक पत्र के अनुसार, ये 8 मामले स्वयं विमानवाहक पोत पर तैनात सैनिकों, उसके एयर विंग, कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के मुख्यालय, एस्कॉर्ट विध्वंसक जहाजों और विमानन इकाइयों में दर्ज किए गए थे। पत्र में दावा किया गया है कि इनमें से किसी भी मामले में मौत नहीं हुई
अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप में लगभग 6,000 से 7,000 सैन्यकर्मी और कई नौसैनिक जहाज़ शामिल हैं। क्षेत्र में इसकी तैनाती असामान्य रूप से लंबी हो गई थी। अगस्त तक यह विमानवाहक पोत 250 से अधिक दिनों तक समुद्र में रह चुका था और 200 से अधिक दिनों तक बिना किसी बंदरगाह पर रुके लगातार अपने मिशन पर तैनात रहा। इस स्थिति के कारण जहाज़ और उसके स्ट्राइक ग्रुप में तैनात सैन्यकर्मियों के बीच मानसिक और मनोवैज्ञानिक दबाव की स्थिति पैदा होने की बात सामने आई।
CNN ने पहले भी आत्महत्या के प्रयासों की जानकारी दी थी
CNN ने इससे पहले भी रिपोर्ट किया था कि इस स्ट्राइक ग्रुप में तैनात कुछ सैन्यकर्मियों ने खुद को जहाज के डेक से समुद्र में गिराने की कोशिश की थी।
ऐसी ही एक घटना में, विमानवाहक पोत के एयर विंग से जुड़े एक सैन्यकर्मी समुद्र में गिर गए थे। लगभग एक घंटे बाद खोज और बचाव दल ने उन्हें ढूंढकर सुरक्षित निकाल लिया। अमेरिकी नौसेना ने इस घटना को संबंधित व्यक्ति की मानसिक स्वास्थ्य स्थिति से जुड़ा हुआ बताया और आगे की चिकित्सा एवं मानसिक स्वास्थ्य देखभाल के लिए उन्हें जहाज़ से हटा दिया।
CNN की रिपोर्ट में मिशन के लंबे खिंचने के कारण उत्पन्न समस्याओं का भी उल्लेख किया गया है। इनमें लंबे काम के घंटे, आराम के सीमित अवसर, लंबे समय तक परिवार से दूर रहना और कुछ कल्याणकारी एवं मनोरंजन सुविधाओं की उपलब्धता से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं।
कई सैनिकों के परिवारों ने भी अपने परिजनों की मानसिक स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की है।
इससे पहले भी कई अमेरिकी स्रोतों ने इस कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के सदस्यों के बीच मानसिक और मनोवैज्ञानिक संकट की खबरें प्रकाशित की थीं। यहां तक कि कुछ सैनिकों के परिवारों ने अमेरिकी नौसेना मंत्रालय के सामने विरोध प्रदर्शन भी किया था। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ये परिवार झूठ बोल रहे हैं।

