Site icon ISCPress

हम शहीद सुप्रीम लीडर के साथ किए अपने वादे पर क़ायम हैं: अराक़ची 

हम शहीद सुप्रीम लीडर के साथ किए अपने वादे पर क़ायम हैं: अराक़ची 

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराक़ची ने कहा है कि, ईरान तमाम दबावों के बावजूद प्रतिरोध के अपने संकल्प पर मजबूती से कायम है और आगे भी कायम रहेगा। उन्होंने कहा कि, आज का ईरान अन्याय और अमानवीय अत्याचार के तूफान के सामने डटकर खड़ा है।

उन्होंने आगे कहा,

हम उस वादे पर क़ायम हैं जो हमने अपने शहीद नेता के साथ किया था। हम उन निर्दोष लोगों के ख़ून को भुलाए जाने या नजरअंदाज किए जाने की अनुमति नहीं देंगे। हम न भूलेंगे और न माफ करेंगे।”

फार्स न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराक़ची ने रविवार 10 अगस्त को विदेश मंत्रालय के राजनीतिक एवं अंतरराष्ट्रीय अध्ययन केंद्र में आयोजित ‘विदेश मंत्रालय के दस्तावेजों में मुहर्रम और आशूरा’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया और भाषण दिया।

तमाम दबावों के बावजूद प्रतिरोध के अपने संकल्प पर कायम हैं

विदेश मंत्री ने कहा कि इतिहास ने बार-बार यह साबित किया है कि जब राष्ट्र अपने देश की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए बलिदान, दृढ़ता और प्रयास को छोड़ देते हैं, तो वे केवल अपनी जमीन नहीं खोते, बल्कि उन्हें अपनी सामूहिक पहचान, राष्ट्रीय इच्छाशक्ति और अपना भविष्य तय करने की क्षमता खोने का भी ख़तरा पैदा हो जाता है।

उन्होंने कहा कि, जब कोई राष्ट्र आत्मसमर्पण कर देता है, तो अपनी खोई हुई गरिमा को दोबारा हासिल करना बेहद मुश्किल हो जाता है, बल्कि कई बार लगभग असंभव हो जाता है। इसी वैचारिक और रणनीतिक समझ के साथ ईरान तमाम दबावों के बावजूद प्रतिरोध के अपने संकल्प पर मजबूती से खड़ा है और इंशाअल्लाह आगे भी खड़ा रहेगा।

विदेश मंत्री अराक़ची ने कहा,

“आज का ईरान अमानवीयता और अत्याचार के तूफान के सामने डटकर खड़ा है। हम अपने समय के हुसैन, महान नेता और शहीद आयतुल्लाह सैयद अली हुसैनी ख़ामेनेई के साथ किए गए वादे पर कायम हैं। हम अनुमति नहीं देंगे कि अन्यायपूर्ण तरीके से बहाया गया यह खून भुला दिया जाए या नजरअंदाज कर दिया जाए।”

उन्होंने कहा, “हम न भूलेंगे और न माफ करेंगे। यह खून उबलता रहेगा और न्याय की मांग तथा न्याय के लिए संघर्ष के वृक्ष को हर दिन और मजबूत करता रहेगा।”

Exit mobile version